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भोपाल । बुंदेलखंड के कई गांव में जमीन से ज्लवनशील गैस निकलने का मामला सामना आ रहा है।यही नहीं गांव के लोग इस गैस से खाना बना रहे हैं। ये गैस गांव के ट्यूबवेल्स से निकल रही है। स्थानीय निवासियों ने अस्थाई पाइपलाइन डालकर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

उत्तरप्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित विदिशा, सागर और पन्ना जिलों में लगभग 150 किलोमीटर के इलाके में मीथेन और हीलियम गैस का रिसाव हो रहा है। इस क्षेत्र की पंचायतों के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी लेकिन ज्यादातर अधिकारियों ने मामले के प्रति अनभिज्ञता जताई। सागर के डीएम का कहना है कि वे छह महीने पहले ही आए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की उचित पड़ताल की जाएगी।

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सागर में भूविज्ञान के प्रोफेसर अरुण कुमार शांडिल्य ने जानकारी देते हुए कहा कि वे बीते दो दशकों से इस मामले को उठा रहे हैं। उन्होंने बताया, 'ऐसा लगभग 150 ट्यूबवेल्स में हो रहा है।' शांडिल्य ने इस गैस की ओएनजीसी में जांच भी करवाई है। ग्रामीणों को इस गैस की ज्वलनशीलता का पता तब चला जब उन्होंने देखा कि पानी में आग जल रही है। इसके बाद पाइप लाइन के जरिए लोग इस गैस का इस्तेमाल खाना बनाने में करने लगे। हालांकि गांववालों को कहा गया कि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है।लेकिन प्रशासन इस मामले में अधिक सक्रिय दिखाई नहीं दे रहा है।

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Posted By: Sachin Bajpai

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