जागरण संवाददाता, मानसा। वर्ष 2012 में देश-दुनिया को झकझोर कर रख देने वाले दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म कांड की पीड़िता फिजियोथेरेपिस्ट युवती के देखभाल में शामिल रही सफदरजंग अस्पताल की एक नर्स खुद सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बन गई। पंजाब के बुढलाडा स्थित एक गांव में उसे धोखे से किसी परिचित महिला से मिलनेके लिए बुलाया गया था। स्टेशन पर पहुंचा एक युवक उसे साथ ले गया। रास्ते में 65 वर्षीय बुजुर्ग समेत चार लोगों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच पीड़िता ने मेडिकल जांच कराने से इन्कार कर दिया। इसके अलावा उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष भी बयान दर्ज कराने से मना कर दिया।

पीड़ित महिला के अनुसार, वह दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में स्टाफ नर्स है। लगभग दो माह पहले बुढलाडा के एक गांव की रहने वाली रमनदीप कौर घर से भागकर दिल्ली पहुंच गई थी, जो संयोग से उसे मिल गई। उसने इसे अपने घर ले जाकर फोन से इसके परिजनों से संपर्क किया। इसके परिवार का सदस्य बलविंदर सिंह उर्फ काला उसके घर पहुंचा। रमनदीप को इसके हवाले कर दिया गया। इसके बाद बलविंदर सिंह काला उससे (पीड़िता से) कई बार फोन पर बात करता। रविवार को बलविंदर ने उसे फोन पर बताया कि रमनदीप कौर की हालत बहुत ज्यादा खराब है। वह उससे अंतिम बार मिलना चाहती है। इसलिए वह उससे मिलने आ जाए। वह उसे बुढलाडा रेलवे स्टेशन से ले जाएगा।

वह बलविंदर की बातों में आकर जनता एक्सप्रेस से सोमवार शाम को बुढलाडा पहुंच गई, जहां बलविंदर मिल गया, जो उसे अपने मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया। आरोपी उसे बोडावाला हसनपुर गांव के खेतों में बने एक कमरे में ले गया। वहां तीन लड़कियां और भी थीं, जो शराब के नशे में निर्वस्त्र थीं। अन्य तीन पुरुष भी थे। बलविंदर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे मांस खाने को मजबूर किया। उसे जान से मारने की धमकी दी। सुबह जैसे ही बलविंदर नर्स को बुढलाडा रेलवे स्टेशन पर छोड़ने आया तो वहां रेलवे पुलिस को देखते ही उसने शोर मचा दिया। पुलिस ने बलविंदर को गिरफ्तार कर लिया। नर्स का कहना है कि आरोपियों ने उससे आठ हजार रुपये, मंगलसूत्र, सोने की बालियां और मोबाइल फोन छीन लिया है।

पढ़ें : दिल्ली गैंगरेप : सबसे बड़े दरिंदे को तीन साल की सजा

पढ़ें : दिल्ली गैंगरेप : विनय और अक्षय की फांसी पर भी रोक