सलेम (तमिलनाडु), प्रेट्र। तमिलनाडु में आया चक्रवातीय तूफान 'गज' भले ही गुजर गया हो, लेकिन राहत और बचाव कार्य सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी कर रहा है। प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने में सरकारी उदासीनता के चलते रविवार को कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। पुलिस और प्रभावित लोगों में संघर्ष के बीच जहां छह सरकारी वाहन जला दिए गए, वहीं इसमें एक पुलिस उपाधीक्षक घायल हो गया। हिंसा के आरोप में 60 लोगों को हिरासत में लिया गया है।वहीं, गज तूफान की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 45 हो गई है।

राहत-बचाव कार्य में ढिलाई, हिंसा पर उतरे लोग

तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित वेदारायणम शहर में फिलहाल 60 राहत केंद्र चल रहे हैं। रविवार को यहां शरण लेने वालों को अधिक संख्या में देखा गया है, जिसके चलते राहत सामग्री में कमी दिखाई दी। वहीं,  राहत कार्यों में अधिकारियों की उदासीनता के खिलाफ पुडुकोट्टाई के कोटमंगलम गांव में प्रभावित लोग विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए। यहां पर लोगों ने छह सरकारी वाहन आग के हवाले कर दिए।

हिंसा के आरोप में 60 लोग गिरफ्तार 

पुलिस के मुताबिक सड़क यातायात अवरुद्ध करने के दौरान पुलिस के साथ हुए संघर्ष में एक पुलिस उपाधीक्षक घायल हुआ है, जबकि हिंसा के आरोप में 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तंजावुर में भी राहत नहीं मिलने पर प्रभावित लोगों ने यातायात अवरुद्ध किया। उधर, रविवार को नागपट्टनम के दौरे पर गए उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने कहा कि प्रभावित जिलों में राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने राहत कार्यों में सरकारी उदासीनता की खबरों को नकार दिया। इस बीच मुख्यमंत्री पलानीसामी ने सभी राजनीतिक दलों से राहत कार्यों में जुड़ने की अपील की है।

Posted By: Nancy Bajpai

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