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प्रियागोल्ड बिस्किट में हो रहा था पशु चारे के चोकर का इस्तेमाल, दूध में मिला डिटर्जेंट; अब होगा एक्शन

Published: Sat, 17 Oct 2026 08:23 PM (IST)

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के लिए प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली ...और पढ़ें

FSSAI का बड़ा एक्शन (AI फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण(एफएसएसएआइ) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में तीन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इनमें प्रियागोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड, डोडला डेयरी लिमिटेड और यूईआइआर आर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

खाद्य नियामक के अनुसार, इन कंपनियों से जुड़े मामलों में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें और जांच में सामने आई कमियां कार्रवाई का आधार बनी हैं।

एफएसएसएआई ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद सूर्या फूड एंड एग्रो के निर्माण संयंत्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि कंपनी प्रियागोल्ड बिस्कुट के निर्माण में फाइबर के स्रोत के रूप में पशुओं के चारे के लिए निर्धारित चोकर का इस्तेमाल कर रही थी।

चोकर से भरे बोरों पर भी स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि यह सामग्री पशु चारे के लिए है, मानव उपभोग के लिए नहीं। निरीक्षण में संयंत्र की साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, कच्चे माल के भंडारण, कर्मचारियों की स्वच्छता और उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ी अन्य कमियां भी पाई गईं। इससे पहले एफएसएसएआई ने गंभीर अनियमितताओं के कारण कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। अब इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

डोडला डेयरी के दूध में डिटर्जेंट की पुष्टि

डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध का नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। शुरुआती जांच में दूध में वसा की मात्रा निर्धारित सीमा से कम मिली। कंपनी की अपील के बाद नमूने को रेफरल फूड लैबोरेटरी भेजा गया। प्रयोगशाला ने दूध में डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा की मौजूदगी की पुष्टि की और वसा की मात्रा भी निर्धारित न्यूनतम स्तर से कम पाई।

एफएसएसएआई ने इसे असुरक्षित और घटिया गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ मानते हुए संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दी है।

किशमिश में कीटनाशक अवशेष मिले

यूईआइआर आर्गेनिक फूड्स की पीली किशमिश के नमूने में भी निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष पाए गए। रेफरल लैब ने थायमेथोक्सम और फ्लुओपायरम के मेटाबोलाइट्स की अधिक मात्रा की पुष्टि की। इसके बाद कंपनी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दी गई।

इसके साथ ही एफएसएसएआई ने सन रिजेज हेल्थ केयर्स और नरपदम फूड्स को भंडारण, स्वच्छता और साफ-सफाई संबंधी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए हैं।

वहीं, शाह कांतिलाल एंड जयंतीलाल से कारोबारी गतिविधियों और निरीक्षण के दौरान लाइसेंस प्राप्त परिसर बंद मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पिछले छह महीनों में खाद्य नियामक ने खाद्य कारोबारियों और ई-कामर्स कंपनियों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज की है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)