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Amazon, Swiggy और Blinkit समेत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर FSSAI का एक्शन, नियम उल्लंघन का आरोप

Published: Wed, 23 Sep 2026 11:05 PM (IST)

FSSAI ने एमेजोन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट सहित प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर नियमों के उल्लंघन और भ्रामक दावों के लिए दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर FSSAI का एक्शन। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर FSSAI का एक्शन। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. FSSAI ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की।

  2. भ्रामक दावे और प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री मुख्य आरोप।

  3. Amazon, Swiggy, BigBasket जैसे प्लेटफॉर्म्स कार्रवाई में शामिल।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑनलाइन ग्रॉसरी और खाद्य सामग्री खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एमेजोन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट इंडिया और जेप्टो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है।

खाद्य नियामक ने इन कंपनियों पर भ्रामक दावे और प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री समेत विभिन्न नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।

FSSAI ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उसने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है। इसमें भ्रामक दावे करने और प्रतिबंधित या जहरीले खाद्य उत्पादों की बिक्री और उन्हें प्रदर्शित करने जैसे मामले शामिल हैं।

खाद्य नियामक ने 'हैपिलो प्रीमियम डेट बाइट्स-जेस्टी आरेंज' नाम के खाद्य उत्पाद के बारे में भ्रामक दावे करने के लिए एमेजोन, फ्लिपकार्ट, स्विगी इंस्टामार्ट, जेप्टो और बिगबास्केट के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है।

स्विगी और बिगबास्केट के खिलाफ कार्रवाई शुरू 

'मिल्की मिस्ट' के डेरी उत्पाद को लेकर भ्रामक दावे और नियमों के मुताबिक प्रोडक्ट की जानकारी नहीं देने के चलते स्विगी और बिगबास्केट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। इन डेरी उत्पादों में मिल्की मिस्ट फ्रेश लो फैट क्रीम, मिल्की मिस्ट फार्म फ्रेश कर्ड और मिल्की मिस्ट ग्रीक योगर्ट शामिल हैं।

एमेजोन सेलर सर्विस, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट ने धतूरे का फल और बीज बिक्री के लिए पेश किया था। इन पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रविधानों का पालन नहीं करने का भी आरोप है।

FSSAI ने पिछले छह महीनों में खाद्य कारोबार से जुड़े ऑपरेटरों और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नियामक इन कार्रवाइयों की जानकारी सोशल मीडिया के जरिये आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंचा रहा है।

पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर रेड वार्निंग लेबल का प्रस्ताव

FSSAI ने पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ज्यादा नमक, चीनी या वसा वाले खाद्य पदार्थों के पैकेट के सामने स्पष्ट रूप से लाल रंग का चेतावनी चिह्न (रेड वार्निंग लेबल) लगाना अनिवार्य किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे के माध्यम से यह प्रस्ताव दिया गया है।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)