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नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस पर FSSAI सख्त, भ्रामक दावों के लेकर जारी किया नोटिस

Published: Wed, 21 Oct 2026 11:38 PM (IST)

भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को उनके उत्पादों के विज्ञापनों में भ्रामक दावों के लिए नोटिस जारी किया है।

FSSAI का नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को नोटिस।

FSSAI का नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को नोटिस।

HighLights

  1. FSSAI ने नेस्ले और जायडस को नोटिस जारी किया।

  2. खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों में भ्रामक दावों का मामला।

  3. कंपनियों से वैज्ञानिक प्रमाण और स्पष्टीकरण मांगा गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों में भ्रामक दावों को लेकर नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड को नोटिस जारी किया है। नियामक ने दोनों कंपनियों से अपने उत्पादों के प्रचार में किए गए दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण पेश करने को कहा है।

एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि नेस्ले इंडिया के दो उत्पादों ‘लैक्टोजन प्रो 1 पाउडर’ और ‘नैन एक्ससेला प्रो स्टेज 1’ के लेबल तथा विज्ञापनों में किए गए दावों पर आपत्ति जताई गई है। लैक्टोजन प्रो 1 के प्रचार में दावा किया गया है कि इसमें मौजूद व्हे प्रोटीन दूध का ऐसा प्रोटीन है, जिसे पचाना आसान होता है।

एफएसएसएआई ने इस दावे के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण मांगे हैं। वहीं, नैन एक्ससेला प्रो स्टेज 1 के विज्ञापन में ‘5 एचएमओ प्रतिरक्षा प्रणाली को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं’ का दावा किया गया है। नियामक ने इसे लागू नियमों के अनुरूप नहीं माना।

एफएसएसएआई ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

जायडस वेलनेस के कॉम्प्लान उत्पाद के लेबल और विज्ञापनों में ‘दो गुना तेज विकास’, ‘एकाग्रता और याददाश्त में मदद’ तथा ‘प्रो इम्युनिटी प्लस 34 जरूरी पोषक तत्व’ जैसे दावे किए गए हैं। इन दावों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 के प्रविधानों के उल्लंघन के रूप में देखा गया है।

नियामक ने जायडस वेलनेस से निर्धारित समयसीमा में वैज्ञानिक औचित्य और स्पष्टीकरण देने को कहा है। साथ ही कंपनी को कारण बताने का निर्देश दिया गया है कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।इस मामले में दोनों कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)