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'बेहिसाब डोज लेने से बचें', पेनकिलर के ज्यादा इस्तेमाल से किडनी को होने वाले जोखिमों को लेकर नई सलाह

Published: Mon, 28 Sep 2026 07:38 AM (IST)

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स के गलत इस्तेमाल पर नई एडवाइजरी जारी की है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

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HighLights

  1. CDSCO ने पेनकिलर, एंटीबायोटिक्स के गलत इस्तेमाल पर एडवाइजरी जारी की।

  2. बिना डॉक्टरी सलाह बार-बार उपयोग से किडनी को गंभीर नुकसान।

  3. NSAIDs और एंटीबायोटिक्स केवल डॉक्टर की देखरेख में लें।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स के सही इस्तेमाल को लेकर एक नई एडवाइजरी जारी की है। संस्था ने कहा कि बिना सही मेडिकल सलाह के इनके बार-बार इस्तेमाल से लोगों को किडनी से जुड़ी समस्याएं और दूसरे बुरे असर हो सकते हैं।

ड्रग रेगुलेटर के सर्कुलर में कहा गया है कि नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) और एंटीबायोटिक्स, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स के तहत डॉक्टर की सलाह पर मिलने वाली दवाएं हैं। इनका इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब क्लिनिकली जरूरत हो, सही डोज और समय के लिए और डॉक्टर की देखरेख में।

NSAIDs लेने पहले डॉक्टर को बताएं

संस्था ने लोगों से कहा है कि वे NSAIDs (जो आमतौर पर पेनकिलर के तौर पर इस्तेमाल होती हैं) को बिना सलाह के बार-बार या लंबे समय तक न लें। सीडीएससीओ ने एंटीबायोटिक्स से खुद इलाज करने के खिलाफ भी चेतावनी दी है और किडनी की बीमारी या किडनी खराब होने के रिस्क वाले लोगों को सलाह दी है कि वे NSAIDs लेने से पहले अपने डॉक्टर को बताएं।

'बेहिसाब पेनकिलर लेने से बचें'

एम्स के नेफ्रोलॉजिस्ट प्रो. संदीप महाजन ने कहा कि पेनकिलर का बेहिसाब और लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी के काम करने की क्षमता में गिरावट को तेजी से बढ़ा सकता है। सीडीएससीओ ने डॉक्टरों को सलाह दी है कि वे NSAIDs की सबसे कम असरदार डोज का इस्तेमाल कम से कम जरूरी समय के लिए करें और जिन मरीजों को किडनी का खतरा हो उनके मामले में ज्यादा सावधानी बरतें।

यह सलाह भारत में क्रोनिक किडनी की बीमारी के बढ़ते बोझ को देखते हुए दी गई है। कम्युनिटी-बेस्ड स्टडीज की 2025 की एक समीक्षा में क्रोनिक किडनी डिजीज के कुल प्रसार का अनुमान 13.24% लगाया गया। हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों और स्टडीज में ये अनुमान काफी अलग-अलग थे।

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