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'भारत-फ्रांस को अमेरिका या चीन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए', दिल्ली से मैक्रों का दुनिया को मैसेज

Published: Thu, 19 Feb 2026 08:46 AM (IST)Updated: Thu, 19 Feb 2026 08:53 AM (IST)

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि भारत और फ्रांस अमेरिका या चीन के AI मॉडल पर पूरी ...और पढ़ें

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस और पूरे यूरोप में AI में रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने का जुनून है। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस और पूरे यूरोप में AI में रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने का जुनून है। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि भारत और फ्रांस अमेरिका या चीन के AI मॉडल पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहते। उन्होंने कहा कि दोनों देशों और पूरे यूरोप में AI में रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने का जुनून है।

उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं सच में मानता हूं कि भारत और फ्रांस में और यूरोप में भी हमारा एक ही जुनून है कि हम अमेरिका या चीन के किसी एक मॉडल पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहते। हमें एक व्यापक और संतुलित मॉडल चाहिए।"

फ्रांसीसी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया में AI की रेस तेज हो गई है और कुछ बड़े खिलाड़ी बाजार पर हावी हैं। मैक्रों ने भारत, फ्रांस और यूरोप को एकजुट होकर ऐसे फ्रेमवर्क बनाने की बात कही जो संप्रभुता को प्राथमिकता दे और किसी एक देश या कंपनी पर आंख मूंदकर भरोसा न करे।

AI में स्वतंत्रता के लिए मजबूत आधार बनाना है: मैक्रों

मैक्रों ने AI में आत्मनिर्भर बनने का साफ रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा, "हम जो करना चाहते हैं, वह यह सुनिश्चित करना है कि हमारे पास डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता हो, हम अपने देशों में प्रतिभाओं को ट्रेन करें... यह साफ तौर पर कंप्यूटिंग क्षमता, प्रतिभा और पूंजी के बारे में है।"

मैक्रों ने माना कि AI की रेस में अमेरिका और चीन से भारत और फ्रांस अभी पीछे हैं। उन्होंने कहा, "मैं सच में मानता हूं कि हमारे पास बहुत सारे एसेट्स हैं और हम इस रेस में हैं। हम अमेरिका और चीन से पीछे हैं, लेकिन हम रेस में हैं।"

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