नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना वायरस क्या एक जैविक हथियार है, जिसे वुहान 400 के नाम से चीन ने विकसित किया है? यह सवाल सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से घूम रहा है और अब कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने यही सवाल अपने ट्वीट के माध्यम से किया है। कोरोना से हजारों लोगों के संक्रमण की जद मे आने और सैंकड़ों की मौत के बाद दुनिया में डर का माहौल है। वहीं, चीन अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद इस पर काबू नहीं पा सका है। अपने सवाल के साथ साक्ष्य के रूप में मनीष तिवारी ने एक पुस्तक का जिक्र किया है और उसकी तस्वीर के साथ इसके कुछ अंशों को पढ़ने के लिए भी कहा है। इस पुस्तक में वुहान-400 वायरस का जिक्र है।

द आइज ऑफ डार्कनेस किताब

अमेरिकी लेखक डीन कुंट्ज ने 1981 में एक पुस्तक लिखी थी। इसका नाम 'द आइज ऑफ डार्कनेस' है और इसमें वुहान-400 वायरस का जिक्र है। साथ ही किताब ये भी बताती है कि इस वायरस को लेबोरेटरी के जरिए जैनिक हथियार के रूप में विकसित किया गया था।

ऐसे सामने आई किताब

एक ट्विटर यूजर डेरेन प्लेमाउथ इस अप्रकट संदर्भ को सोशल मीडिया तक ले आए हैं। उन्होंने किताब के आवरण पृष्ठ और एक पृष्ठ की तस्वीर अपने अकाउंट से शेयर की है। किताब में साफ नजर आता है कि उसमें वुहान-400 वायरस का जिक्र किया गया है। साथ ही उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि यह अजीब दुनिया है, जिसमें हम रह रहे हैं।

सन्न सोशल मीडिया

वुहान वायरस के बारे में इस किताब में पढ़कर के हर कोई सन्न रह गया। कई लोगों ने इसके बारे में अपनी राय रखी है। बहुत से लोगों ने कहा कि यह एक संयोग भर है, लेकिन बहुत से लोगों को लगता है कि यह महज संयोग भर नहीं है बल्कि इसमें कुछ न कुछ सत्यता जरूर है। एक शख्स ने लिखा है कि किसी भी कल्पना में थोड़ी बहुत सत्यता छुपी होती है।

यह है किताब में

द आईज ऑफ डार्कनेस एक थ्रिलर उपन्यास है। इसमें एक मां यह पता लगाने की कोशिश करती है कि क्या उसका बेटा वास्तव में एक साल पहले मर गया था या फिर वो अभी भी जीवित है। वह अपने बेटे का पता लगाने का फैसला करती है।

डीन कुंट्स को जानिए

अमेरिकी लेखक डीन कुंट्ज दुनिया में जाना पहचाना नाम है। एक शब्द में कहें तो उनकी शब्दों की दुनिया सस्पेंस थ्रिलर के इर्द गिर्द सिमटी है, जो आतंक, फंतासी, रहस्य और हास्य व्यंग्य का पुट लिए होती हैं। उनकी कई किताबें न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्ट सेलर्स की लिस्ट में रही हैं। अपने शुरुआती लेखन में उन्होंने कई उपनामों से लिखा। उनकी किताबों की 38 भाषाओं में 50 करोड़ से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं। उनकी प्रमुख पुस्तकों में डेमन सीड, ओड थॉमस, वॉचर्स, फेंटम्स, इंटेंसिटी प्रमुख हैं।

उन अंशों में ये लिखा है

मनीष तिवारी ने किताब के जिन अंशों का जिक्र किया है उसमें लिखा है कि इसे वुहान-400 कहा गया है क्योंकि वुहान के बाहर स्थित आरडीएनए लैब में विकसित किया गया है। यह वायरस उस लैब में मानव निर्मित सूक्ष्मजीवों का चार सौवां स्ट्रेन था।

Posted By: Dhyanendra Singh

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