वीरभूम, जागरण संवाददाता। बंगाल के वीरभूम में एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) को लेकर तथ्य जुटाने के शक में चार महिलाओं को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। सूत्रों के अनुसार रविवार सुबह वीरभूम के इलमबाजार से एक किशोरी समेत चार महिलाएं जयदेव पंचायत के छोटचक गांव में पहुंची। घर-घर पहुंचकर उन्होंने खुद को महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी बताया। कहा कि बीते वर्ष बाढ़ से उनकी खेती की जमीन तबाह हो गई। आर्थिक मदद के लिए वह यहां पहुंची हैं। दुखभरी दास्तां सुनने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें आर्थिक मदद करनी शुरू कर दी।

 घर-घर से आर्थिक मदद एकत्र कर सादे कागज पर करा रहे थे हस्ताक्षर

मदद मिलने के बाद महिलाओं ने एक सादे कागज में हस्ताक्षर लेने शुरू कर दिए। इसी बीच किसी ने महिलाओं द्वारा खुद को पीडि़त बताकर एनआरसी के लिए तथ्य एकत्र करने की अफवाह फैला दी। इसके बाद ही एकत्र हुए ग्रामीणों ने महिलाओं को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों के चंगुल से महिलाओं को मुक्त कराकर थाने ले जाकर पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया।

पुलिस ने महिलाओं को बंधन मुक्त कराकर थाने ले जाकर शुरू की पूछताछ

पुलिस के अनुसार कई दिनों से इलमबाजार में 20-25 लोग तंबू लगाकर रह रहे हैं, जो गांव- गांव जाकर भीख मांगने का काम कर रहे हैं। उधर, ग्रामीणों का आरोप है कि महिलाएं आर्थिक सहायता की आड़ में एनआरसी के लिए तथ्य एकत्र कर रही थीं। तृणमूल के इलमबाजार ब्लाक अध्यक्ष शेख तरू ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत भाजपा अज्ञात लोगों को गांव गांव भेजकर सादे कागज में हस्ताक्षर करा रही है जिससे लोगों में भय व्याप्त हो गया है। पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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