नई दुनिया, महासमुंद। छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में मंगलवार को पुलिस ने चार लाख के इनामी समेत दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की ओडिशा व छत्तीसगढ़ पुलिस को कई मामलों में तलाश थी। उधर, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की भांसी पुलिस ने मुंशी जयदेव नाग की हत्या में शामिल दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। चोलनार ब्लास्ट मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एसपी स्मित परमार ने बताया कि मंगलवार को सर्चिग के दौरान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के जवानों को दोनों कुख्यात नक्सलियों के पाटपाणी क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया गया। पकड़े गए नक्सलियों में मनोज मादकामी उर्फ रोशन (29) निवासी गैंगलूर, बीजापुर (छत्तीसगढ़) व गुप्लेश्वर मांझी (24) निवासी चिंतानकुटना थाना लाठौर बलांगीर (ओडिशा) शामिल हैं। दोनों नुआपाड़ा जिले में 2012 के बहुचर्चित चैतन्य मांझी हत्याकांड में शामिल थे।
मनोज बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद (बीबीएम)- छत्तीसगढ़ डिवीजनल एरिया कमेटी का सक्रिय मेंबर है, जो सुदर्शन कैडर से जुड़ा हुआ था। उस पर चार लाख का इनाम घोषित किया गया था। उधर, दंतेवाड़ा जिले की भांसी पुलिस ने मासापारा निवासी रामू व उसके पिता पांडू को गिरफ्तार किया है। पिता-पुत्र पर सड़क निर्माण के विरोध में निर्माण कंपनी के मुंशी जयदेव नाग की हत्या का आरोप है। नाग की हत्या नक्सलियों ने 17 मई को करते हुए दो टिप्पर, एक मोटरसाइकिल, एक ट्रैक्टर और एक मिक्सर मशीन को आग लगा दी थी, जबकि किरंदुल पुलिस ने चोलनार ब्लास्ट मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। चोलनार ब्लास्ट में सात जवान शहीद हुए थे।

Posted By: Manish Negi