नई दिल्ली, एएनआइ। सेना के शीर्ष कमांडरों का चार दिवसीय सम्मेलन आज से शुरू हो रहा है। चार दिवसीय सम्मेलन में लद्दाख और आंतरिक सुधारों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही गैर सैन्य गतिविधियों में कटौती करने जैसे उपायों पर भी विचार किया जाएगा। चार दिवसीय सम्मेलन में पूर्वी लद्दाख के साथ ही चीन से लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा के अन्य संवेदनशील इलाकों में भारत की युद्धक तैयारियों का आकलन करेंगे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सैन्य कमांडर, संसाधनों के तर्कसंगत वितरण के लिए काफी समय से लंबित सुधारों पर चर्चा करेंगे।

सेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन में थल सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सेना के उप प्रमुख, सभी सेना कमांडर, सेना मुख्यालय के प्रधान कर्मचारी अधिकारी (पीएसओ) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

लद्दाख समेत कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

सम्मेलन में पूर्वी लद्दाख के साथ ही चीन से लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा के अन्य संवेदनशील इलाकों में भारत की युद्धक तैयारियों का आकलन करेंगे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि कमांडर संसाधनों के तर्कसंगत वितरण के लिए काफी समय से लंबित सुधारों पर चर्चा करेंगे। इनमें विभिन्न समारोह आयोजित करने की प्रथाओं और गैर सैन्य गतिविधियों में कटौती करने जैसे उपाय शामिल हैं।

रक्षा मंत्री करेंगे संबोधित

सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, नौसेना प्रमुख करमबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मंगलवार को कमांडरों को संबोधित करेंगे। एक सूत्र ने कहा, सैन्य कमांडर पूर्वी लद्दाख और जम्मू-कश्मीर समेत राष्ट्र के समक्ष सुरक्षा चुनौतियों की व्यापक समीक्षा करेंगे।

भारत चीन के बीच तनाव जारी

भारत चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मई की शुरुआत में गतिरोध बढ़ने के बाद से भारत और चीन की सेनाओं ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 50-50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात कर रखे हुए हैं। सूत्रों ने कहा कि कमांडर सोमवार को सेना में मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर विशिष्ट रूप से चर्चा करेंगे। बुधवार को शीर्ष सैन्य कमांडरों द्वारा उठाए गए विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर गहन चर्चा की जाएगी। 

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