नई दिल्ली, जेएनएन। हिंदी दिवस के मौके पर आज देश-विदेश में हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। पूरे विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा के रूप में हिंदी को तीसरा स्थान प्राप्त है। अंग्रेजी और मैंडरिन के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा हिंदी ही बोली जाती है। एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया में हिंदी बोलने वाले लोगों की संख्या करीब 70 करोड़ है। वैसे तो हिंदी को दुनिया में गौरव दिलाने का श्रेय कई लोगों को जाता है। लेकिन, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान इसमें खास है। दरअसल, अटल बिहारी ही वो शख्स थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार हिंदी में भाषण दिया  था।

अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र के 32वें अधिवेशन में हिंदी में भाषण दिया था। उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी जनता पार्टी की सरकार में विदेश मंत्री थे। अपने भाषण में उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम का उल्लेख करते हुए पूरे संसार को एक परिवार के रूप में देखने का जिक्र किया था। अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने लगभग तीन मिनट 30 सेकंड के भाषण में मानववादी पहलू और स्वतंत्रता पर जोर दिया था।

अटल ने भाषण में संयुक्त राष्ट्र संघ से इजरायल द्वारा वेस्ट बैंक और गजा में बसाई गई बस्तियों को हटाने का आग्रह किया था। अटल बिहारी वाजपेयी के अलावा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी अपनी विदेश यात्रा के दौरान सम्बोधन हिंदी में ही करते हैं।

हिंदी को लोकप्रिय बनाने में भारत के सिनेमा जगत का भी बहुत योगदान हैं। बॉलिवुड फिल्मों के गाने रूस, चीन, इंग्लैंड, अमेरिका सहित अरब देशों में बहुत लोकप्रिय हैं। चीन में भारतीय फिल्मों ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की हैं। राजकपूर पर फिल्माया गया गाना 'मेरा जूता है जापानी ' रूस में काफी मशहूर हुआ था। पिछले दिनों चीन यात्रा के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत हिंदी फिल्म ये 'वादा रहा' के एक गाने की धुन बजाकर किया गया था। अभी हाल ही में चेक रिपब्लिक के दौरे पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के स्वागत में बॉलिवुड फिल्म के गाने 'पल पल दिल के पास तुम रहती हो' को गाकर किया गया।

Posted By: Manish Negi