'एआई, MSME और कौशल विकास के क्षेत्र में वित्त पोषण बढ़ाएं', AIIB प्रेसिडेंट जू जियाई से मुलाकात में बोलीं वित्त मंत्री सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के अध्यक्ष जू जियाई से मुलाकात की और बैंक से ...और पढ़ें

एआई, एमएसएमई, कौशल विकास में वित्त पोषण बढ़ाने का आग्रह।
HighLights
वित्त मंत्री ने एआईआईबी अध्यक्ष जू जियाई से मुलाकात की।
एआई, एमएसएमई, कौशल विकास में वित्त पोषण बढ़ाने का आग्रह।
एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़, एआई से उत्पादकता बढ़ेगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्ट में बैंक (एआइआइबी) के प्रेसिडेंट जू जियाई से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बैंक से एआइ, एमएसएमई और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर वित्त पोषण बढ़ाने का सुझाव दिया।
एआइआइबी में भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है। एआइआइबी की सालाना बैठक में हिस्सा लेने पहुंचीं वित्त मंत्री ने बैंक को साल के पहले छह महीनों में उसके अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी।वित्त मंत्रालय ने एक्स पर कहा, केंद्रीय वित्त मंत्री ने एआइआइबी से कहा है कि वह भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को वित्त पोषणा देने से आगे बढ़कर इसमें एआइ, एमएसएमई और कौशल विकास पर फोकस करने वाले क्षेत्रों को शामिल करें।
वित्त मंत्री ने कहा कि एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और एआइ को अपनाने से छोटे और मध्यम उद्यमों की उत्पादकता बढ़ सकती है। बैठक के दौरान एआइआइबी प्रेसिडेंट ने नई दिल्ली में सफल ब्रिक्स लीडर्स समिट के लिए वित्त मंत्री को बधाई भी दी।
दिल्ली और मेरठ में चल रही परियोजनाओं के निरीक्षण को याद करते हुए एआइआइबी प्रेसिडेंट ने कहा कि बैंक लोगों, शहरी विकास और पर्यावरण सुरक्षा के लिए परियोजनाओं को वित्तपोषित करना जारी रखेगा। एआइआइबी का मुख्यालय बीजिंग में है और इसने 2016 में काम करना शुरू किया था और अभी दुनियाभर में इसके 111 सदस्य हैं।
इसकी कुल पूंजी 100 अरब डालर है और इसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने एएए- रेटिंग दी है। चीन 26.54 प्रतिशत वोटिंग शेयर के साथ इसका सबसे बड़ा शेयरधारक है। इसके बाद भारत (7.58%), रूस (5.9%) और जर्मनी (4.1%) हैं।
सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार
