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सुपरसोनिक रफ्तार से डुबकी लगाने के बाद भी क्यों नहीं टूटा फ्लाईदुबई का प्लेन? बोइंग 737 विमान की खासियत

By Harsh KatareEdited By: Harsh Katare
Published: Thu, 01 Oct 2026 07:04 PM (GMT+05:30)

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट ने भारतीय पायलट पर हमला कर विमान ...और पढ़ें

फ्री-फॉल के बावजूद नहीं बिखरा फ्लाईदुबई का प्लेन

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में लगभग 34 हजार फीट की ऊंचाई पर ओमान के रहने वाले को-पायलट ने क्रैश-एक्स (आपातकालीन कुल्हाड़ी) से मुख्य भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया।

हमला करने वाले ओमान के पायलट का इरादा 180 लोगों से भरे इस विमान को क्रैश कराने का था।

17 हजार फीट नीचे आई फ्लाइट

कॉकपिट के भीतर हुए इस खूनी संघर्ष के दौरान बोइंग 737 MAX विमान अचानक अपना नियंत्रण खो बैठा और महज एक मिनट से कुछ ज्यादा समय में डरावने तरीके से स्टीप डाइव लगाते हुए सीधे 17 हजार फीट पर आ गया।

रडार डेटा और वैश्विक पायलटों के विश्लेषण के अनुसार, विमान के नीचे गिरने की रफ्तार लगभग 30 हजार फीट प्रति मिनट पहुंच गई थी, जो कि सुपरसोनिक गति के बेहद करीब थी।

दबाव में टूटकर बिखर जाता है कमर्शियल जेट

सामान्य परिस्थितियों में इस तरह के भयानक वायुमंडलीय दबाव, तेज गति और अचानक आए मोड़ पर कोई भी कमर्शियल पैसेंजर जेट हवा में ही टूटकर बिखर जाता है। हालांकि, गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने अदम्य साहस दिखाया।

उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे ऑन-ड्यूटी केबिन क्रू और सफर कर रहे ‘डेडहेड क्रू’ (ड्यूटी से इतर यात्रा कर रहे विमान कर्मचारी) को अंदर घुसकर हमलावर को दबोचने का मौका मिल गया।

इसके बाद सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमेरजेंसी लैंडिंग कराने के बाज जब विमान की जांच की गई, तो पता चला कि हव के प्रचंड दबाव के कारण वर्टिकल स्टेबलाइजर से जुड़ा रडार पूरी तरह से उखड़ चुका था।

विशेषज्ञों ने बताया चमत्कार

सोशल मीडिया पर दुनिया भर के अनुभवी पायलटों और उड्डयन विशेषज्ञों ने विमान के इस तरह सुरक्षित लैंड करने को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया है। लेखक और अमेरिकी पायलट बज पैटरसन ने एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जो विशालकाय C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ाते हैं। पोस्ट करने वाले ने खुद को सक्रिय अमेरिकी सैन्य पायलट बताया है।

C-17 पायलट ने कहा, हम अपने सबसे मजबूत सैन्य विमान में थ्रस्ट रिवर्सर का इस्तेमाल करके भी अधिकतमन 20 हजार फीट प्रति मिनट की दर से नीचे आने की सीमा में रहते हैं। लेकिन बोइंग 737 MAX का 30 हजार फीट प्रति मिनट की फ्री-फॉल डाइव और तय सीमा से 100 नॉट अधिक ऑपरेटिंग स्पीड को झेल जाना अविश्वसनीय है।

यह इसके आधुनिक कार्बन कंपोजिट और विशेष एल्युमीनियम अलॉय से बने एयरफ्रेम की असाधारण मजबूती को साबित करता है, जो सर्टिफिकेशन मानकों से कहीं ज्यादा मजबूत निकला।

बोइंग 737 MAX सीरीज पर उठे थे सवाल

बता दें कि मैन्युवरिंग कैरेक्टरिस्टिक्स ऑग्मेंटेशन सिस्टम की खराबी के कारण दो बड़े हादसों का शिकार होने वाली बोइंग 737 MAX सीरीज पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। लेकिन इस जानलेवा घटना में जिस तरह विमान के ढांचे ने अत्यधिक दबाव सहकर 180 जिंदगियों को सुरक्षित रखा, उसने इसके एयरफ्रेम और धातु की मजबूती का प्रमाण दिया।

क्या हैं खासियतें?

बोइंग 737 मैक्स (Boeing 737 MAX) अपनी असाधारण मजबूती, उन्नत एरोडायनामिक्स और ईंधन दक्षता के लिए जाना जाता है। इस विमान का एयरफ्रेम विशेष एल्यूमीनियम मिश्र धातुओं और उन्नत कंपोजिट मटेरियल से बना है, जो इसे अत्यधिक दबाव और कठिन से कठिन उड़ान स्थितियों में भी बेहद मजबूत बनाता है।

इसमें लगे नए विंगलेट्स प्राकृतिक लैमिनार फ्लो तकनीक पर आधारित हैं, जो ड्रैग को कम करते हैं और लिफ्ट को बढ़ाते हैं। लेकिन यह कमर्शियल सबसोनिक यात्री विमान है। ऐसे में हवा की रफ्तार के कारण एयरफ्रेम पर बनने वाले दबाव को संभालने के लिए इसकी एक सख्त वैज्ञानिक सीमा निर्धारित होती है।