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जम्मू से हिमाचल और उत्तराखंड तक बाढ़ का कहर, अमरनाथ-वैष्णो देवी यात्रा स्थगित; 100 गांवों का संपर्क कटा

Published: Tue, 21 Jul 2026 11:12 PM (IST)Updated: Wed, 22 Jul 2026 12:14 AM (IST)

जम्मू-कश्मीर में लगातार तीन दिन की भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 100 से अधिक गांव कटे, अमरनाथ, वैष्णो देवी व शिवखोड़ी यात्राएं तीसरे दिन भी स्थगित रहीं।

जम्मू-कश्मीर में 100 से अधिक गांव जिला मुख्यालयों से कटे

जम्मू-कश्मीर में 100 से अधिक गांव जिला मुख्यालयों से कटे

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जागरण टीम, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में लगातार तीन दिन से हो रही वर्षा, बाढ़ व कई क्षेत्रों में भूस्खलन से सबसे ज्यादा असर संपर्क मार्गों पर हुआ है। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में 100 से ज्यादा गांव जिला मुख्यालयों से कट गए हैं।

श्रीअमरनाथ, मां वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्राएं तीसरे दिन भी स्थगित रही। हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा की बोह घाटी में मंगलवार को बादल फटने से आई बाढ़ में नौ मकान बह गए, जबकि सात को क्षति पहुंची।

मंगलवार को ऊधमपुर और रामबन जिलों में कई जगह पत्थर गिरने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे प्रभावित हुआ। जम्मू-पठानकोट हाईवे पर भी कई जगह जलभराव से यातायात दिनभर बाधित होता रहा।

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जम्मू-कश्मीर में 100 से अधिक गांव जिला मुख्यालयों से कटे

इसके अलावा राजौरी-पुंछ हाईवे भी भूस्खलन से करीब ढाई घंटे बाधित रहा। बड़गाम में सुखनाग नदी में बाढ़ में कई दुकानें बह गईं। तवी, चिनाब सहित सभी नदी-नाले उफान पर हैं। रियासी में चिनाब पर बने सलाल बांध के सभी गेट एहतियातन खोल दिए गए हैं।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। शाह ने राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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अमरनाथ, वैष्णो देवी यात्राएं लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रहीं

सिन्हा ने बताया कि राजौरी-पुंछ जिलों में प्रभावित 435 मार्गों में से 356 सड़कों को बहाल कर दिया गया है। प्रदेश में वर्षा-बाढ़ और भूखस्लन से तीन दिन में 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें करीब 21 मौतें राजौरी और पुंछ जिलों में ही हुई हैं।

हिमाचल में गढ़गून गांव में मकान गिरने से महिला मलबे में दब गई। करीब तीन घंटे बाद उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। यहां बाढ़ से धान की फसल तबाह हो गई है।

किन्नौर जिले के शलखर के समीप बाढ़ से बंद शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 20 घंटे बाद मंगलवार को बहाल हुआ। चंबा जिले में टिक्कर घार में पहाड़ी दरकने से संपर्क मार्ग का नामोनिशान मिट गया है।

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कैलास मानसरोवर मार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध

उत्तराखंड में वर्षा व भूस्खलन के चलते सोमवार को रोकी गई चारधाम यात्रा मंगलवार को फिर शुरू हो गई है। चारधाम यात्रा मार्ग भूस्खलन के कारण खतरनाक बने हुए हैं।

पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर) मार्ग दोपहर बाद भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है। सोमवार को भूस्खलन से अवरुद्ध देहरादून-मसूरी मार्ग को मंगलवार को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

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