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90 सेकंड, 17000 फीट की डरावनी डुबकी और पायलट मछार का चमत्कारी टर्न; फ्लाइट पाथ एनिमेशन में दिखा 'प्लेन ड्रॉप' का असली सच

Published: Thu, 01 Oct 2026 05:46 PM (IST)

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट ने मुख्य पायलट पर चाकू से हमला कर ...और पढ़ें

HighLights

  1. फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट ने मुख्य पायलट पर हमला किया।

  2. विमान 34,000 से 17,000 फीट नीचे ड्रॉप हुआ, बड़ा हादसा टला।

  3. भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने 174 लोगों की जान बचाई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हवा के बीच एक ऐसा भयावह घटनाक्रम घटा, जिससे पूरी दुनिया हैरान रह गई।

जब विमान लगभग 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी ओमान के रहने वाले को-पायलट ने मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर उसे दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था।

17 हजार फीट नीचे आया विमान

कॉकपिट में हुए इस खूनी संघर्ष के दौरान बोइंग 737 MAX विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और महज डेढ़ मिनट के अंदर 17,000 फीट नीचे ड्रॉप हुआ। इस दौरान विमान सुपरसोनिक गति के करीब पहुंच गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने अत्यधिक दबाव और रफ्तार पर ज्यादातर व्यावसायिक हवाई जहाज हवा में ही क्षतिग्रस्त होकर टूट जाते हैं। विमान का इस तबाही से बच निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं था।

फ्लाइट पाथ रडार डेटा में प्लाइट की असामान्य डुबकी दिखाई दी। 34 हजार फीट की ऊंचाई से महज 90 सेकंड में फ्लाइट 17 हजार फीट नीचे ड्रॉप कर गई थी।

कैप्टन मछार ने नहीं मानी हार

गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने हार नहीं मानी। उन्होंने असीम साहस का परिचय देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे बाहर मौजूद केबिन क्रू और यात्रियों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को दबोचने का रास्ता मिल गया।

क्रू और यात्रियों की मदद से हमलावर पर काबू पाया गया, जिसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की तरफ मोड़कर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस तरह से विमान में सवार सभी 174 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

नेतन्याहू ने बताया हीरो

कैप्टन स्मित मछार को कमर्शियल उड्डयन का गहरा अनुभव है। उन्होंने अपने 13 सालों से ज्यादा के करियर में लगभग 9,750 घंटे उड़ान भरी है। फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले उन्होंने करीब 11 सालों तक स्पाइसजेट में बतौर लाइन ट्रेनिंग कैप्टन अपनी सेवाएं दी थीं।

कैप्टन मछार की इस असाधारण जांबाजी पर इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और विदेश मंत्रालय ने उन्हें असली हीरो करार दिया। नेतन्याहू ने कहा कि जानलेवा हमले के बाद भी मुकाबला करना और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर सबकी जान बचाना अतुलनीय वीरता है।

दुनिया भर में इस निडर भारतीय पायलट की जमकर सराहना की जा रही है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।