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बेंगलुरु में CET परीक्षा में पांच छात्रों के निकलवाए जनेऊ और कलावा, बढ़ा विवाद

Published: Fri, 24 Apr 2026 07:17 PM (IST)

बेंगलुरु के कृपानिधि कॉलेज में सीईटी परीक्षा के दौरान पांच ब्राह्मण छात्रों से जनेऊ उतरवाने पर विवाद खड़ा हो गया है।

परीक्षा देने के लिए उतरवा दिए जनेऊ (प्रतीकात्मक फोटो)

परीक्षा देने के लिए उतरवा दिए जनेऊ (प्रतीकात्मक फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के दौरान बेंगलुरु के कृपानिधि कॉलेज में पांच ब्राह्मण छात्रों के जनेऊ (यज्ञोपवीत) उतरवाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

भाजपा ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और इसे 'हिंदू विरोधी' करार दिया। विवाद के राजनीतिक मोड़ लेते ही कॉलेज ने जांच पूरी होने तक संबंधित निरीक्षकों को निलंबित कर दिया।

प्रदेश सरकार ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। सीईटी का आयोजन पेशेवर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए किया जाता है।

परीक्षा देने के लिए उतरवा दिए जनेऊ

छात्रों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कॉलेज के परीक्षा कक्ष में मौजूद निरीक्षकों ने कहा कि अगर वे परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें अपना जनेऊ उतारना होगा।

एक छात्र ने बताया, 'जब मैं परीक्षा केंद्र पर पहुंचा, तो शिक्षकों ने मेरे कान की बाली उतरवा दी। यह तो मैं समझ सकता हूं, क्योंकि परीक्षा में धातु की कोई वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होती। लेकिन उन्होंने मुझे जनेऊ उतारने के लिए भी मजबूर किया।'

कोई विकल्प नहीं होने पर छात्रों ने निरीक्षकों के आदेश का पालन किया। कुछ अन्य छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षकों ने उनका मौली या कलावा भी उतरवा दिया।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों के अभिभावक परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और उन्होंने इस कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठाए, क्योंकि जनेऊ नहीं उतरवाने के पहले से ही स्पष्ट निर्देश थे।

पिछले साल भी खड़ा हुआ था विवाद

दरअसल, पिछले वर्ष इसी तरह का विवाद होने पर सरकार ने साफ किया था कि सीईटी के दौरान जनेऊ नहीं उतरवाया जाएगा। इसके बावजूद छात्रों को इस वर्ष फिर भेदभाव का सामना करना पड़ा।

कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर ने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि पिछले वर्ष भी एक घटना बीदर में हुई थी और कुछ घटनाएं शिवमोगा में हुई थीं। हमने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। मैंने संस्थान के विरुद्ध शिकायत दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। संस्थान ने तीन व्यक्तियों को पहले ही निलंबित कर दिया है। अगले वर्ष से सभी को इस बारे में पहले से स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।'

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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