नई दिल्ली, प्रेट्र। देश में कोरोना वायरस महामारी के संकट के बीच कोरोना की जांच करना एक चुनौती है, जिसको सरकार ने बखूबी निभाया है। भारत, फिलहाल अमेरिका के बाद कोरोना की जांच में दुनिया में दूसरे नंबर पर है। इस बीच आज केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि देश में कोरोना वायरस के लिए 5.4 करोड़ नमूनों(सैंपल) का परीक्षण किया गया है और फिलहाल देश भर मे 40 लाख लोग निगरानी में हैं। सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को सूचित किया।

उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि 10 सितंबर तक कुल 40 लाख लोगों को निगरानी में रखा गया है। कुल 5.4 करोड़ नमूनों का अब तक परीक्षण किया जा चुका है।मंत्री ने कहा कि 10 सितंबर को, कुल 15,290 COVID-19 उपचार सुविधाओं के साथ 13,14,171 समर्पित अलगाव बेड, बिना ऑक्सीजन समर्थन के बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि देश में कुल 2,31,269 ऑक्सीजन-समर्थित आइसोलेशन बेड और 62,694 आईसीयू बेड (32,241 वेंटिलेटर बेड सहित) उपलब्ध हैं। कोराना वायरस के ​​प्रबंधन पर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं और नियमित रूप से अपडेट किए जा रहे हैं। राय ने कहा कि राज्यों को लॉजिस्टिक्स की आपूर्ति के मामले में समर्थन दिया जा रहा है और प्रदेशों और केंद्र सरकार के अस्पतालों को 10 सितंबर को 1.39 करोड़ पीपीई किट, 3.42 करोड़ एन -95 मास्क, 10.84 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की गोलियां और 29,779 वेंटिलेटर और 1,04,400 ऑक्सीजन सिलेंडर राज्यों को दिए गए हैं।

केंद्र सरकार ने COVID-19 के प्रभाव को रोकने, नियंत्रित करने और कम करने के लिए कई कार्रवाई की है और भारत ने whole संपूर्ण सरकार और पूरे समाज के दृष्टिकोण का पालन किया है। राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एक उच्च-स्तरीय मंत्री समूह (जीओएम), कैबिनेट सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति देश में कोरोना के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया की निगरानी करना जारी रखती है।

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