श्रीनगर (एएनआइ)। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए बाबा अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं का पहला जत्था पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ। यात्रा के आधार शिविर यात्री निवास भगवती नगर से सुबह 4.50 बजे राज्यपाल के सलाहकार बी बी व्यास ने जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले जत्थे में 2995 श्रद्धालु शामिल थे जो 113 वाहनों पर सवार होकर गए।

बालटाल रूट से 971 श्रद्धालु रवाना हुए जिसमें 780 पुरुष, 190 महिलाएं और एक बच्चा शामिल था। पारंपरिक रूट पहलगाम से यात्रा करने के लिए 2024 श्रद्धालु रवाना हुए जिसमें 1554 पुरुष, 330 महिलाएं, 20 बच्चे और 120 साधु शामिल थे। डोगरा पगड़ी पहन कर पहुंचे राज्यपाल के सलाहकार बी बी व्यास, विजय कुमार और राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्राहण्यम ने पूजा अर्चना में भाग लिया और जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं को यात्रा की शुभकामना दी। विजय कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए है। श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध होगी।

यात्रा के साथ पहली बार सीआरपीएफ का विशेष मोटर साईकल दस्ता भी गया है जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ख्याल तो रखेगा ही, साथ ही एक छोटी एम्बुलेंस की तरह भी काम करेगा। जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और यात्रा के दोनों रूटों पहलगाम और बालटाल पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा 28 जून से शुरु हो रही है। यात्रा के पहले दिन वीरवार को पवित्र गुफा में राज्यपाल एनएन वोहरा पूजा अर्चना करेंगे। दो महीने की यात्रा 26 अगस्त रक्षा बंधन वाले दिन समाप्त होगी। पहले जत्थे में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह नजर आया। यात्री निवास भगवती नगर जय जय बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजता रहा।

इस दौरान विजय कुमार ने कहा, 'अमरनाथ यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। सभी सुरक्षा एजेंसियों और डेवलपमेंट एजेंसियों के सहयोग से हमने ये सारी तैयारियां की है और यात्रियों का ध्यान रखते हुए उसे बेहतर करने की कोशिशें की गई हैं। इसके साथ ही, ट्रैफिक को सामान्य बनाने और सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।'

अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जम्मू सेक्टर के सीआरपीएफ आइजी ने बताया कि सभी तरह की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हम नई तकनीक और गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही, पिछले साल की तुलना में इस बार इस काम में लोगों को भी बढ़ाया गया है।

अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना होने के वक्त श्रद्धालुओं ने कहा कि वे काफी खुश हैं। उन्हें किसी बात का कोई डर नहीं है। सभी सुरक्षा व्यवस्था बेहतर है। हर साल सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जाती है।

यात्रा के पहले दर्शन 28 जून को होंगे। इस दिन राज्यपाल एनएन वोहरा श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग नरूला व अन्य अधिकारियों के साथ पवित्र गुफा में पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ ही वार्षिक बाबा अमरनाथ यात्रा शुरू हो जाएगी। यात्रा दो महीने तक चलेगी और 26 अगस्त को रक्षाबंधन वाले दिन संपन्न होगी।

यात्रा प्रबंधों का लिया जायजा

राज्यपाल व श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एनएन वोहरा ने बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग नरूला व अन्य अधिकारियों के साथ यात्रा के प्रबंधों का जायजा लिया। बोर्ड के सीईओ ने राज्यपाल को बताया कि अब तक 211994 श्रद्धालु एडवांस रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। राज्यपाल के सलाहकार विजय कुमार ने भी मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम और पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद के साथ चंदनवाड़ी और पहलगाम का दौरा कर यात्रा प्रबंधों का निरीक्षण किया।

सलाहकार ने यात्रा से जुड़े सभी विभागों व एजेंसियों से कहा कि वे बेहतर तालमेल से काम करें। उन्होंने अनंतनाग के डीसी से कहा कि वह 27 जून को सारे प्रबंधों की रिपोर्ट पेश करें। चंदनवाड़ी में बीस बेड के अस्पताल का निरीक्षण करते हुए सलाहकार ने कहा कि चिकित्सा संबंधी सभी सुविधाएं सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने भी अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की।

पहलगाम से अधिकतर पंजीकरण

यात्रा पंजीकरण की प्रक्रिया एक मार्च से शुरू हुई थी। जम्मू कश्मीर बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और येस बैंक की 440 शाखाओं में पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। करीब 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने हर दिन पंजीकरण करवाया। सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा से श्रद्धालुओं ने करवाया है। अधिकतर यात्रियों ने पारंपरिक यात्रा के रूट पहलगाम से पंजीकरण करवाया है। ग्रुप पंजीकरण करवाने वाले ग्रुपों की संख्या 225 है।

By Arti Yadav