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कर्नाटक में मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा, फॉर्म-7 भरने पर प्राथमिकी दर्ज

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:41 PM (IST)

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण के दौरान फर्जी फॉर्म-7 भरने के मामले में बेंगलुरु में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

फर्जी फॉर्म -7 भरने के मामले में प्राथमिकी दर्ज।

फर्जी फॉर्म -7 भरने के मामले में प्राथमिकी दर्ज।

HighLights

  1. बेंगलुरु में फर्जी फॉर्म-7 भरने पर प्राथमिकी दर्ज।

  2. मल्लेश्वरम में 778 फर्जी आवेदन जमा करने का आरोप।

  3. विजयपुरा में मतदाताओं ने विधायक के दावों को चुनौती दी।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फर्जी फॉर्म -7 भरने के मामले में शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एसआईआर के दौरान 778 फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए थे। फॉर्म-7 मतदाता सूची से नाम हटाने या किसी नाम पर आपत्ति जताने का फॉर्म है। हालांकि इसके जरिये कोई खुद का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़वा सकता है।

बेंगलुरु के व्यालिकावल थाने में कांग्रेस नेता अनूप अय्यंगार की शिकायत पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-64 में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी में बूथ एजेंट वसंता लक्ष्मी का नामजद किया गया है, लेकिन प्राथमिकी में यह नहीं बताया गया कि वह किस पार्टी से जुड़ी हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फॉर्म 7 यह कहते हुए जमा किए गए कि वोटर या तो अपने घर पर नहीं थे या स्थायी रूप से कहीं और चले गए थे, जबकि असल में वे उसी चुनाव क्षेत्र में रह रहे थे।

यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों ने एक खास समुदाय के वोटरों को निशाना बनाया और फॉर्म-7 की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया। कथित तौर पर वसंत लक्ष्मी के नाम से आवेदन जमा किए गए थे। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।

विजयपुरा में, आठ वोटरों ने विधायक के दावे को दी चुनौती, मांगा न्याय

विजयपुरा में एसआईआर विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा से निष्कासित विधायक बसनागौडा पाटिल यतनाल ने 30 सितंबर को दावा किया कि वोटर लिस्ट में उन लोगों के नाम भी शामिल हैं जो लापता हैं। विजयपुरा में आठ वोटर डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे और यतनाल के इस दावे को चुनौती दी और यतनाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शिकायत करने वालों में से एक, रजिया मेहरुन्निसा शेख ने कहा, मैं जिंदा हूं और लंगर बाजार के वार्ड-22 में रह रही हूं, लेकिन अधिकारियों ने मेरे नाम से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। उन्होंने मुझे बस मृत घोषित कर दिया है। मेरे साथ धोखा हुआ है और मुझे न्याय चाहिए। हालांकि, विधायक अपने आरोपों पर कायम रहे और कहा, यह साबित करना मेरी जिम्मेदारी नहीं है कि संबंधित लोग जीवित हैं।

उन्होंने दावा किया कि एक ही नाम वाले वोटर चार अलग-अलग जगहों पर पंजीकृत हैं और उनकी तस्वीरें अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा, अगर आप कहते हैं कि हमने गलत जानकारी दी है, तो इसकी जांच करें।

असल में एसआईआर प्रक्रिया इसीलिए की जा रही है ताकि ऐसी गड़बड़ियों की जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया के तहत तस्वीरों और जानकारियों की बारीकी से जांच होनी चाहिए।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)