त्योहारों के मौसम में बढ़ सकते हैं डिजिटल ठगी के मामले, साइबर सुरक्षा कंपनी ने चेताया
त्योहारों के मौसम में ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल लेनदेन बढ़ने से साइबर धोखाधड़ी का खतरा बढ़ गया है।

त्योहारों में ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ने की आशंका (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
त्योहारों में ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ने की आशंका
फिशिंग, वित्तीय धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह
कंपनियों को भी सुरक्षा उपाय मजबूत करने होंगे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। त्योहारों के मौसम में आनलाइन खरीदारी, डिजिटल लेनदेन, यात्रा बुकिंग और सामान की डिलीवरी बढ़ने के साथ साइबर अपराधियों की गतिविधियां तेज होने की आशंका है।
साइबर सुरक्षा कंपनी आर्कटिक वुल्फ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि इस दौरान फिशिंग, वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान संबंधी साइबर हमलों में वृद्धि हो सकती है।
कंपनी के भारत में वाइस प्रेसिडेंट देवेंद्र राठ ने कहा कि त्योहारों का मौसम कारोबारियों और उपभोक्ताओं के लिए अवसर लाता है, लेकिन साइबर अपराधियों को भी ठगी के नए मौके मिलते हैं। उ
न्होंने बताया कि अपराधी आकर्षक छूट, कूरियर और डिलीवरी संबंधी संदेश, लायल्टी रिवार्ड, बैंकिंग अलर्ट, टैक्स नोटिस और खाते के सत्यापन जैसे बहानों से लोगों को निशाना बना सकते हैं।
राठ के अनुसार, उपभोक्ताओं को एसएमएस, वाट्सएप, ईमेल और इंटरनेट मीडिया के जरिए धोखाधड़ी वाले संदेश भेजे जा सकते हैं। साइबर अपराधी भरोसेमंद संपर्कों का दुरुपयोग करके दुर्भावनापूर्ण सामग्री फैलाने लगे हैं।
इससे फर्जी संदेश वास्तविक प्रतीत होते हैं और लोगों के उनके झांसे में आने की आशंका बढ़ जाती है।त्योहारों के दौरान आधिकारिक एप स्टोर के बाहर उपलब्ध कराए जाने वाले दुर्भावनापूर्ण एंड्रायड एप भी खतरा बन सकते हैं।
अपराधी बिजली बिल, केवाईसी अपडेट, खाता बंद होने, टैक्स नोटिस और परिवहन सेवाओं के नाम पर लोगों को एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते हैं।
ऐसे एप पासवर्ड और बैंकिंग विवरण चुरा सकते हैं, ओटीपी हासिल कर सकते हैं तथा मोबाइल नोटिफिकेशन पर नजर रखकर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं। कंपनियों के लिए भी जोखिम गंभीर है।
फिशिंग हमलों से कारोबारी ईमेल में सेंधमारी, क्लाउड सेवाओं तक अनधिकृत पहुंच, भुगतान धोखाधड़ी, रैनसमवेयर और कामकाज में बाधा जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
देवेंद्र राठ ने संगठनों को ईमेल, क्लाउड और रिमोट एक्सेस पर बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण (एमएफए) लागू करने, इंटरनेट से जुड़े सिस्टम की कमजोरियां दूर करने और कर्मचारियों को साइबर जागरूकता प्रशिक्षण देने की सलाह दी। उन्होंने तीसरे पक्ष के विक्रेताओं की पहुंच की समीक्षा करने और महत्वपूर्ण सिस्टम की लगातार निगरानी पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सतर्क कर्मचारी, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्पष्ट आपात प्रक्रियाएं त्योहारों के दौरान साइबर जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इपुत के साथ)
