जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण कम होने की आशंका को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निराधार बताया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास राज्यों की ओर से भेजे गए टीकाकरण केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार 71 फीसद केंद्र ग्रामीण इलाकों में खोले गए हैं और महज 29 फीसद शहरी इलाकों में हैं।

आदिवासी जिलों में टीकाकरण की रफ्तार राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा

इसी तरह से टीकाकरण केंद्र पर सीधे पंजीकरण कर वैक्सीन लगवाने वालों की बड़ी तादाद का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि देश के कुल 176 आदिवासी बहुल जिलों में से 128 में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा टीकाकरण हुआ है।

69,995 टीकाकरण केंद्र ग्रामीण क्षेत्र, 49,883 टीकाकरण केंद्र शहरों में हैं

ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारों ने को-विन एप पर टीकाकारण केंद्रों का ग्रामीण और शहरी अलग-अलग वर्गीकरण किया है। इनमें कुल 69,995 टीकाकरण केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में हैं, वहीं 49,883 टीकाकरण केंद्र शहरों में हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों तक वैक्सीन की पहुंच की पूरी व्यवस्था

राज्यों ने ग्रामीण टीकाकरण केंद्रों का विस्तृत विवरण भी दिया है। इसके अनुसार 26,114 टीकाकरण केंद्र सब-हेल्थ सेंटर में, 26,287 केंद्र प्राइमरी हेल्थ सेंटर में और 9,441 केंद्र कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में खोले गए हैं। जाहिर है ग्रामीण क्षेत्रों तक वैक्सीन की पहुंच की पूरी व्यवस्था की गई है।

आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामीण इलाकों में पंजीकरण के काम में लगाया गया

को-विन एप पर पंजीकरण में ग्रामीण इलाकों में होने वाली दिक्कतों को भी दूर करने का पूरा प्रयास किया गया है। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामीण इलाकों में लोगों के पंजीकरण के काम में लगाया गया है। साथ ही कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी लोगों का पंजीकरण किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में सबसे बड़ी सुविधा टीकाकरण केंद्र पर सीधे पंजीकरण कर टीका लगाने की है।

13 जून तक देश में कुल 24.84 करोड़ डोज लगे थे

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 13 जून तक देश में कुल 24.84 करोड़ डोज लगे थे, जिनमें से 19.84 करोड़ डोज यानी 80 फीसद टीकाकरण केंद्र पर पंजीकरण के मार्फत किए गए हैं।

आदिवासी जिलों में टीकाकरण की रफ्तार राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा

आदिवासी इलाकों में टीकाकरण के आंकड़े इस बात के सुबूत हैं कि कैसे वहां 88 फीसद लोग सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराने के बाद वैक्सीन ले रहे हैं और इसके बाद भी वहां टीकाकरण राष्ट्रीय औसत से अधिक हो रहा है।

Edited By: Bhupendra Singh