विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एफसीआरए बिल पर जेपीसी में शामिल हुए राज्यसभा के दो सांसद, स्पीकर ओम बिरला का फैसला

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:13 PM (IST)

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विवादास्पद विदेशी योगदान (नियमन) संशोधन बिल, 2026 की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति में ...और पढ़ें

एफसीआरए बिल पर संयुक्‍त समिति में राज्‍यसभा के दो सदस्‍य विशेष आमंत्रित

एफसीआरए बिल पर संयुक्‍त समिति में राज्‍यसभा के दो सदस्‍य विशेष आमंत्रित

HighLights

  1. लोकसभा अध्यक्ष ने FCRA बिल JPC में विशेष आमंत्रित नामित किए।

  2. जावेद अली खान और जेम्स कोंगकाल संगमा को नामित किया गया।

  3. यह असाधारण कदम बिल की गहन जांच सुनिश्चित करेगा।

पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा के अध्‍यक्ष ओम बिरला ने विवादास्‍पद विदेशी योगदान (नियमन) संशोधन बिल, 2026 की जांच कर रही संयुक्‍त संसदीय समिति में दो राज्‍यसभा सदस्‍यों को "विशेष आमंत्रित" के रूप में नामित किया है।

एक असाधारण कदम उठाते हुए लोकसभा बुलेटिन में कहा गया कि जावेद अली खान और जेम्स पैंगसांग कोंगकाल संगमा को इस बिल पर संयुक्‍त संसदीय समिति (जेपीसी) के विशेष आमंत्रित के रूप में नामित किया गया है।

पूर्व लोकसभा महासचिव पी.डी.टी. आचार्य ने बुधवार को बताया कि भाजपा के संजय जायसवाल की अध्‍यक्षता में यह पैनल बिल के प्रविधानों की गहन जांच करेगा, इससे पहले कि वह एक रिपोर्ट जारी करें।

लोकसभा के कार्यविधि और व्‍यवहार के नियमों के तहत नियम 299 कहता है कि जो सांसद चयन समिति के सदस्‍य नहीं हैं, वे समिति की चर्चा के दौरान उपस्थित हो सकते हैं, लेकिन उन्‍हें समिति को संबोधित करने या पैनल के सदस्‍यों के साथ बैठने की अनुमति नहीं है। एक सदन की चयन समिति या दोनों सदनों की संयुक्‍त समिति को एक बिल की जांच के लिए गठित किया जाता है और इसका कार्यकाल रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर समाप्‍त होता है।

आचार्य ने कहा कि जिन सदस्‍यों के पास विशेष रुचियां और कुछ क्षेत्रों में विशेषज्ञता होती है, उन्‍हें विशेष आमंत्रित बनाया जा सकता है, जो पैनल की बैठकों के दौरान अधिकारियों के साथ एक ही कमरे में बैठ सकते हैं।

हालांकि, वे समिति के सदस्‍यों के साथ नहीं बैठ सकते। इन दो सांसदों को शुक्रवार को होने वाली पहली बैठक से पहले संयुक्‍त पैनल में नामित किया गया। 31 सदस्‍यों वाली जेपीसी का गठन इस महीने की शुरुआत में किया गया था, जब संसद ने एफसीआरए बिल को विस्तृत जांच के लिए संदर्भित किया। इस पैनल में लोकसभा के 21 सदस्‍य और राज्‍यसभा के 10 सदस्‍य शामिल हैं। यह बिल जेपीसी को उसके वापस लेने की मांगों के बीच संदर्भित किया गया था।