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JPC के पास भेजा गया FCRA बिल, संसद में विपक्ष के विरोध के बीच प्रस्ताव पारित

Published: Wed, 12 Aug 2026 03:03 PM (IST)

लोकसभा ने हंगामे के बीच 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है।

HighLights

  1. FCRA संशोधन विधेयक 2026 JPC के पास भेजा गया।

  2. लोकसभा में विपक्षी दलों ने बिल का विरोध किया।

  3. JPC शीतकालीन सत्र 2026 में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा ने हंगामे के बीच 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' (FCRA Amendment Bill) को दोनों सदनों की संयुक्त समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है।

लोकसभा में विपक्षी दलों ने FCRA बिल को JPC के पास भेजने के प्रस्ताव का विरोध किया और बिल को वापस लेने की मांग की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चुनौती दी कि वे FCRA बिल में ऐसा कोई एक प्रावधान बताएं जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो।

नित्यानंद राय ने पेश किया प्रस्ताव

बिल को जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया। हंगामे के बीच यह पारित हो गया। इस बिल के लिए प्रस्तावित जेपीसी में कुल 31 सदस्य होंगे, जिनमें से 21 सदस्य लोकसभा से (लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नामित) और 10 सदस्य राज्यसभा से (राज्यसभा के सभापति द्वारा नामित) शामिल होंगे।

शीतकालीन सत्र में सौंपी जाएगी रिपोर्ट

प्रस्ताव के अनुसार, यह संयुक्त समिति संसद के आगामी शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट लोकसभा को सौंपेगी। समिति की बैठकों के संचालन के लिए कोरम (गणपूर्ति) कुल सदस्य संख्या का लगभग एक-तिहाई तय किया गया है।

इसके अलावा, कार्यवाहियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए संसदीय समितियों से संबंधित लोकसभा की कार्य-प्रक्रिया और कामकाज के सभी नियम लागू होंगे।