कोरबा [जेएनएन]। पिता के साथ खेत में हाथ बटाया, हल चलाए और बारिश में कीचड़ से कपड़े भी सने। सुदूर वनांचल गांव में बमुश्किल 15 घरों की बस्ती में बिजली गुल होना भी आम बात है, पर पिता ने खास इसी मौके लिए एक लैंप खरीदकर दिया। रात में जब कभी बिजली चली जाती, लैंप जलाकर परीक्षा की तैयारी में जुटे पुत्र के सामने रख देते।

कठिन संघर्ष का नतीजा भी सुखद मिला। दसवीं की बोर्ड परीक्षा में गांव के होनहार कृषक पुत्र अभय ने राज्य की मेरिट सूची में 10वां रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। जिले से चार विद्यार्थियों ने मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। दसवीं में तीन व 12वीं में एक छात्र शामिल है। अभय को छोड़ शेष तीन विद्यार्थी सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल सीतामढ़ी के हैं।

राज्य की टॉप-10 मेरिट सूची में जगह पक्की कर जिले का मान बढ़ाने वाला दसवीं का यह होनहार छात्र अभय इंगले पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम पंचायम लेपरा के आश्रित ग्राम टुनियाकछार का है। उसके पिता जसवंत राव इंगले टुनियाकछार में खेती-किसानी कर परिवार का गुजर करते हैं।

पिता जसवंत व मां लक्ष्मी दोनों ने ही दसवीं तक पढ़ाई की है और आगे की शिक्षा अधूरी रह जाने का मलाल करने की बजाय वे अपने बच्चों में अधूरे सपनों को पूरा करने जुटे हैं। पुत्री रुचि ई-राघवेंद्र महाविद्यालय बिलासपुर में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा है। पुत्र अभय छोटा है, जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरसियां में अध्ययनरत है।

अभय ने बताया कि रात के एकांत में उसे पढ़ाई करना अच्छा लगता है, लेकिन बिजली गुल होने पर थोड़ी समस्या होती। उसकी तैयारी में बाधा न हो, इसके लिए पिता ने एक लैंप खरीदकर दिया। दिन-रात की मेहनत रंग लाई और उसने इस वर्ष दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 96.33 फीसदी अंक लेकर राज्य की मेरिट सूची में दसवां स्थान हासिल किया है। उसे न्यूज चैनल व क्रिकेट देखना व पसंद है और खेल में ऑलराउंडर है।

पोड़ी-उपरोड़ा से मेरिट आने वाला पहला छात्र

अभय ने माता-पिता, गुरसियां स्कूल के प्राचार्य एसएन पोर्ते, गुरुजन व दीदी को अपनी इस सफलता का श्रेय दिया। उसने कहा कि माता-पिता के सपनों को अंजाम तक पहुंचाना ही उसके जीवन का मकसद है।

डीईओ डीके कौशिक, पोड़ी-उपरोड़ा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी अशोक चंद्राकर व गुरसियां स्कूल के प्राचार्य एसएन पोर्ते ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अभय शुरू से एक होनहार छात्र रहा, जिसकी वजह से कोरबा के इस सुदूर व बीहड़ कहे जाने वाले पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक में भी मेरिट सूची में जगह बनाने वाले छात्र का खाता खुला। जिला गठन के बाद से अभय पहला छात्र है, जो राज्य की प्रावीण्य सूची में जगह हासिल करने सफल हुआ है।

एयरफोर्स में फाइटर पॉयलट बनने की तमन्ना

अभय का स्कूल पांच किलोमीटर दूर है, जो सुबह 10.30 बजे लगता है। वहां पहुंचने प्रतिदिन साइकिल से वह घर से आधे-पौन घंटे पहले निकल जाता है। बारिश के मौसम में कई बार रास्ते में पड़ने वाला नाला उफान पर होता है, जिसकी वजह से घूमकर जाना पड़ता। पर उसने कभी विपरीत हालात में स्कूल मिस नहीं किया।

उसने गणित में 100 अंक, विज्ञान में 98, अंग्रेजी में 96, हिंदी में 95, सामाजिक विज्ञान में 92 व संस्कृत विषय में 97 अंक प्राप्त किए। आगे की पढ़ाई भी गणित से करना चाहता है। नेशनल डिफेंस एकेडमी ज्वाइन कर एयरफोर्स में फाइटर पॉयलट बनने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए वह रोज सुबह तीन किलोमीटर की दौड़ भी लगाता है।

गर्मी की छुट्टी में पढ़ लिया था 75 फीसदी कोर्स

सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतामढ़ी के छात्र व कृषक पुत्र शिवम कंवर ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य की मेरिट सूची में छठवां रैंक हासिल किया। पहंदा पंचायत के आश्रित ग्राम सरईडीह के होनहार छात्र ने 96.20 फीसदी अंक प्राप्त किए। वह प्रतिदिन छह से सात घंटे पढ़ाई करता है।

पिता बाला लखन कृषक व मां निर्मला गृहणी हैं, जिनकी प्रेरणा व गुरुजनों के प्रोत्साहन से वह सफल हुआ। तीन भाइयों में छोटा शिवम डॉक्टर बनना चाहता है। परिवार में कोई ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं, पर हर कोई घर में बेहतर वातावरण देने की कोशिश में जुटा रहता है, ताकि वह अच्छे से पढ़ सके। 12 साल की स्कूलिंग में कभी ट्यूशन नहीं गया। 11वीं के बाद गर्मी की छुट्टियों में ही उसने घर पर 12वीं के 75 फीसदी कोर्स पढ़ लिए थे।

शिक्षक पिता ने बेटी को हर पल किया प्रेरित

सरस्वती स्कूल सीतामढ़ी की होनहार छात्रा विनीता पटेल ने 97 फीसदी अंक लेकर मेरिट सूची में छठवां रैंक हासिल किया है। विनीता की मां सुशीला पटेल गृहणी व पिता मृगेश कुमार पटेल भैसमा से लगे गिधौरी स्कूल में शिक्षाकर्मी वर्ग-एक हैं।

विनीता ने बताया कि वह भी प्रतिदिन सात से आठ घंटे पढ़ाई को देती हैं, जिसमें पिता उनकी मदद करते हैं। विनीता भी आगे की पढ़ाई जीवविज्ञान संकाय लेकर करना चाहती है और एक सफल चिकित्सक बनने का लक्ष्य लेकर चल रही।

विनीता का छोटा भाई वीरेंद्र केएन कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष का विद्यार्थी है। अपनी सफलता के लिए माता-पिता, गुरूजनों और खासकर विद्यालय के प्राचार्य सूर्यकुमार पांडेय के प्रोत्साहन को अहम बताया।

जीवविज्ञान लेकर डॉक्टर बनने का लक्ष्य

सरस्वती विद्यालय सीतामढ़ी के ही छात्र तुषार देवांगन ने 96.83 फीसदी अंक अर्जित कर मेरिट सूची में छठवां रैंक हासिल किया है। उसके पिता पीएल देवांगन सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतामढ़ी में ही अंग्रेजी के लेक्चरर और मां संगीता देवांगन सरस्वती शिशु मंदिर पुराना बस स्टैंड में हिंदी की शिक्षिका हैं।

तुषार भी हायर सेकेंडरी में विज्ञान लेकर पढ़ना चाहता है और डॉक्टर बनना चाहता है। पुरानी बस्ती में रहने वाले तुषार की बड़ी बहन तोषिबा ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में बीएससी अंतिम वर्ष की परीक्षा दी। तुषार ने गणित में 99, हिंदी में 96, विज्ञान में 96, अंग्रेजी में 95, सामाजिक विज्ञान में 97 व संस्कृत में 98 अंक प्राप्त किए हैं।

त्रैमासिक के नतीजे देख शुरू करते हैं तैयारी

सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतामढ़ी के प्राचार्य सूर्यकुमार पांडेय ने कहा कि मेरिट की दृष्टि से कोरबा जिले के लिए यह विद्यालय भाग्यशाली है। 12वीं में मेरिट आने वाला जिले का एकमात्र छात्र व दसवीं की प्रावीण्य सूची में जगह बनाने सफल रहे एक छात्रा व दो छात्र हमारे विद्यालय के हैं।

तीनों के लिए हम आशांन्वित रहे। जैसे ही त्रैमासिक परीक्षा परिणाम आते हैं, उसका आंकलन कर माता-पिता के सहयोग से बच्चों की तैयारी के लिए विशेष प्रयास शुरू कर देते। परीक्षा के एक माह पहले बच्चों से संपर्क में रहते हैं और वे तनाव में न रहें, यह समझाइश देते रहते हैं। 

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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