नई दिल्ली, एजेंसी। नए कृषि कानूनों के खिलाफ करीब ढाई माह से जारी आंदोलन के बीच शनिवार को किसान देश भर में चक्का जाम करेंगे। वहीं, किसी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन भी तैयारी में जुटा हुआ है। चक्का जाम दोपपर 12 बजे से 3 बजे तक ही रहेगा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो लोग यहां नहीं आ पाए वो अपने-अपने जगहों पर चक्का जाम शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 6 फरवरी सिर्फ 2 राज्यों में चक्का जाम नहीं होगा। ये 2 राज्य हैं- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। इन 2 राज्यों और दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में चक्का जाम होगा। 

तीन राज्यों में चक्का जाम न करने के पीछे ये है कारण

कल तीन राज्य यूपी, उत्तराखंड व दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में चक्का जाम के मुद्दे पर किसान नेता राकेश टिकैत ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि हमारे पुास पुख्ता सबूत थे कि कल कुछ लोग चक्का जाम के दौरान हिंसा फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। हमारे पास पक्की रिपोर्ट थी। हमने जनहित को देखते हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को कल होने वाले चक्का जाम से अलग रखा है।

Chakka jam: किसानों का कल चक्‍का जाम से 3 राज्‍यों को राहत, 12 मेट्रो स्‍टेशन हो सकते हैं बंद

 किसान नेता राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करने की घोषणा कर चुके हैं। वहीं इस पर दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चक्का जाम को लेकर हमसे किसी भी किसान नेता ने संपर्क नहीं किया है, लेकिन दिल्ली, यूपी और हरियाणा पुलिस इसको लेकर काफी गंभीर है। दरअसल शनिवार होने के कारण हाईवे पर अच्छी खासी वाहनों की भीड़ होती है। 26 जनवरी की हिंसा से काफी लोग आंदोलन को लेकर गुस्सा भी हैं। ऐसे में पुलिस बेहद सतर्कता बरत रही है।  दिल्ली पुलिस पीआरओ ने कहा कि पूरे देश में कल किसानों का तीन घंटे का चक्का जाम होने वाला है, उसके मद्देनज़र हमने दिल्ली की सभी बॉर्डर पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की है। हालांकि किसानों ने कहा कि वे दिल्ली में ऐसा कुछ नहीं कर रहे हैं लेकिन 26 जनवरी को जो हुआ उसके मद्देनज़र हमने ऐसा किया है।

कांग्रेस ने किया 'चक्का जाम' का समर्थन

कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को किसान संगठनों द्वारा किए जाने वाले 'चक्का जाम' का समर्थन किया है। दिल्ली में हरियाणा के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के बाद कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बैठक में हमने किसानों के आंदोलन का समर्थन करने की बात कही है। हमारी पार्टी का निर्णय है कि नए कृषि क़ानून वापस होने चाहिए। कांग्रेस किसानों के साथ है।

 हरियाणा में प्रशासन तैयार, एडवाइजरी जारी 

हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव ने बताया कि एसपी जिलों में किसानों से बात कर रहे हैं ताकि कहीं कोई समस्या न हो।  उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की जाएगी। इससे लोगों को घर से निकलने से पहले यह पता रहेगा कि उन्हें किस रूट से जाना है।

आरएलडी भी किसान आंदोलन को दिया समर्थन

किसान आंदोलन का मजबूती देने के लिए शुक्रवार से उत्तर प्रदेश और राजस्थान में किसान पंचायतों की सीरीज शुरू की जाएगी, जो फरवरी के अंत तक चलेगी। इन पंचायतों का आयोजन राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) की तरफ से किया जा रहा है। आरएलडी ने पिछले हफ्ते किसान आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की थी।

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