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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सैनिटाइजेशन टनल पर उठे सवाल, सभी राज्यों ने लगाई रोक; पढ़े पूरी रिपोर्ट

By Sanjay PokhriyalEdited By:
Published: Tue, 14 Apr 2020 01:03 PM (IST)

Sanitizing Tunnels स्प्रे से एलर्जी होने के बाद दिल्ली एम्स ने बंद की टनल सोडियम हाइपोक्लोराइट का शरीर पर प्रयोग करना हो सकता है घातक।

सैनिटाइजेशन टनल पर उठे सवाल, सभी राज्यों ने लगाई रोक; पढ़े पूरी रिपोर्ट
सैनिटाइजेशन टनल पर उठे सवाल, सभी राज्यों ने लगाई रोक; पढ़े पूरी रिपोर्ट

जेएनएन, नई दिल्ली। Sanitizing Tunnels: कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देश भर में कई जगहों पर सैनिटाइजेशन यूनिटें लगाई जा रही हैं। खास तौर पर कई अस्पतालों में ऐसे प्रयोग किए गए, ताकि कर्मचारियों व अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को स्प्रे बाथ के माध्यम से सैनिटाइज किया जा सके। लेकिन, सैनिटाइजेशन यूनिट में इस्तेमाल किए जा रहे रसायन से एलर्जी की परेशानी होने की बात सामने आने के बाद दिल्ली स्थित एम्स ने अपनी सैनिटाइजेशन यूनिट को फिलहाल बंद कर दिया है।

बताया जा रहा है कि कर्मचारियों ने एलर्जी व शरीर में खुजली महसूस होने की शिकायत की थी। इसके बाद एम्स प्रशासन ने इसे अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने कहा कि अभी तक कोई ऐसा शोध सामने नहीं आया है जिससे यह पता चल सके कि इसके इस्तेमाल से संक्रमण रोकने में ज्यादा फायदा है। जिन देशों में पहले इसका इस्तेमाल हुआ है, वहां अब जो तथ्य सामने आए हैं, उनमें त्वचा की एलर्जी होने की बात कही गई है। इसलिए इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है। बाद में यदि इसका सकारात्मक वैज्ञानिक आधार सामने आया तो उसे दोबारा शुरू किया जा सकता है।

सोडियम हाइपोक्लोराइट नहीं है कोरोना का इलाज : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के निदेशक प्रोफेसर रविकांत का कहना है कि सोडियम हाइपोक्लोराइट का मानव शरीर पर छिड़काव कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए उपयोगी उपचार नहीं है। सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग किसी सतह को कीटाणु रहित करने के लिए किया जाता है। इसे टनल के जरिये शरीर पर आजमाना कई रूपों में घातक हो सकता है।

पंजाब ने सोडियम हाइपोक्लोराइट के स्प्रे पर लगाई रोक : पंजाब सरकार ने सैनिटाइजर चैंबरों में पानी के साथ सोडियम हाइपोक्लोराइट के स्प्रे पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस आशय का पत्र सेहत विभाग द्वारा प्रदेश के सभी डिप्टी कमिश्नरों व सिविल सर्जनों को जारी कर दिया गया है।

जम्मू में क्यूएसी का हो रहा इस्तेमाल : जम्मू और श्रीनगर नगर निगम के अधिकारियों ने साफ किया है कि क्वाटरनरी अमोनियम कंपाउंड (क्यूएसी) की सही मात्रा का इस्तेमाल हो तो ही यह टनल सुरक्षित हैं। साथ ही कहा कि जम्मू-कश्मीर में सोडियम हाइपोक्लोराइट नहीं क्यूएसी का इस्तेमाल किया जा रह है।

आंख और त्वचा संबंधी रोगों का खतरा : चिकित्सकों के अनुसार हाइपोक्लोराइटसे आंखों की रोशनी और त्वचा संबंधी रोग भी हो सकते हैं। वहीं, श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू ने कहा कि टनल से गुजरते हुए आंखें बंद करन कर लेनी चाहिए।

यह रहती है मात्रा : नगर निगम जम्मू के हेल्थ ऑफिसर के अनुसार हम एक हजार लीटर पानी में 300 एमएल क्वाटनरी अमोनियम कंपाउड इस्तेमाल करते हैं।

क्वाटरनरी अमोनियम कंपाउंड भी निर्धारित मात्रा से अधिक नहीं होना चाहिए। अगर टनल में कोई जाता है तो उसे आंखें बंद करके ही गुजरना चाहिए।

-डॉ. सुरुचि गुप्ता, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ