यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रेवेन्यू सेक्रेटरी को उम्मीद, ‘सिस्टम में सभी पुराने नोटों की होगी वापसी’
रेवेन्यू सेक्रेटरी ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के बाद सरकार को उम्मीद है कि सर्कुलेशन में मौजूद सभी पुराने नोटों की वापसी होगी।

नई दिल्ली (जेएनएन)। रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया के अनुसार, सरकार को उम्मीद है कि नोटबंदी की घोषणा के बाद 500 और 1000 रुपये के पुराने सभी नोट बैंक में जमा हो जाएं, ताकी लेन-देन और टैक्स के रूप में काले धन के मालिकों पर निगाह रखी जा सके। 500 और 1000 रुपये के नोट में 14.17 लाख करोड़ रुपये की कुल रकम का सर्कुलेशन हो रहा था।
ऐसा मानना था कि सर्कुलेशन की कुल रकम में से 2.5 लाख करोड़ रुपये दोबारा सिस्टम में नहीं आएंगे। पर इसके विपरीत अब तक 11 लाख करोड़ से ज्यादा बैंकों में जमा किए जा चुके हैं। हालांकि एक्सपर्ट का मानना था कि सभी काले धन फिर से चलन में आएंगे।
वहीं सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इक्नॉमी (CMIE) ने नोटबंदी का फैसले की लागत कुल 1,28,000 करोड़ रुपये आंकी थी। इसमें नोटों की छपाई, बिजनेस का नुकसान आदि शामिल था। मुंबई में आयोजित एक कांफ्रेंस के दौरान हसमुख ने कहा, 'आप क्या समझते हो कि काले धन को बैंक में जमा करने से वह सफेद हो जाएगा? ऐसा नहीं है। टैक्स देने पर ही यह धन सफेद हो सकता है। इनकम टैक्स विभाग उन सबको नोटिस भेजकर पूछताछ करेगा जो जो शक के घेरे में होंगे।'
हसमुख ने यह भी कहा कि सरकार और इनकम टैक्स विभाग उन बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन लेगा जो कालेधन को छिपाने में लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कालेधन पर लगाम लगाने के लिए सरकार अन्य तरह की योजना लाने पर विचार कर रही है, लेकिन इस समय इनका खुलासा नहीं किया जा सकता है।
