नई दिल्ली, पीटीआइ। केंद्र सरकार ने कहा है कि कोयला आवंटन घोटाले के मामलों में सीबीआइ की जांच के दायरे में पूर्व प्रधानमंत्री का कार्यालय भी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लिए बगैर कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में अपने लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा प्रश्नोत्तर के दौरान बताया कि कोयला आवंटन के 20 मामलों में सीबीआइ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की वह फाइलें जांच के लिए हासिल कर ली हैं जिनमें तत्कालीन प्रधानमंत्री के कोयला ब्लाकों के आवंटन का ब्योरा है। उल्लेखनीय है कि उस कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ही कोयला मंत्री भी थे।

राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीबीआइ ने पीएमओ के संबंधित अधिकारियों से मामले में पूछताछ कर ली है। यह वह अधिकारी थे जिन्होंने कोयला ब्लाक के आवंटन की फाइलें तैयार की थीं। हालांकि सीबीआइ ने अभी तक तत्कालीन पीएमओ अफसरों के खिलाफ अदालत में कोई आरोप पत्र दायर नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सीबीआइ ने सरकार से ना ही इस मामले में उन अफसरों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयला घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तंज किया था कि एक वही हैं जो रेनकोट पहनकर नहाने की कला जानते हैं। यानी कोयला घोटाला में बार-बार नाम आने के बावजूद बेदाग कहलाते हैं।

Posted By: Tilak Raj