जम्मू, राज्य ब्यूरो। सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी। कानों में गूंजती गोलियों और बम धमाकों की आवाजें। राष्ट्र विरोधी नारेबाजी के साथ आइएस (इस्लामिक स्टेट) के लहराते झंडे। सड़क से लेकर विधानसभा तक गूंजते देश विरोधी नारे। आंखों में घूमती पुलवामा जैसे कई आतंकी घटनाओं की तस्वीरें।

पहले कुछ ऐसा ही परिदृश्य हमारे मन में बनता था, जब हम जम्मू कश्मीर का नाम लेते थे। लेकिन, अब अपने मन में उभरने वाली इन तमाम पुरानी तस्वीरों को बदल लीजिए। हो सके तो मिटा ही दीजिए, क्योंकि अब जम्मू कश्मीर की तस्वीर बदल गई है। इस बार के स्वतंत्रता दिवस पर हर गांव में शान से राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा लहराएगा।

जम्मू से लेकर कश्मीर और लद्दाख तक के हर ग्राम पंचायत में इस बार देशभक्ति सिर चढ़कर बोलेगी। जहां से गोलियों और बम धमाकों की आवाजें आती थीं वहां अब देशभक्ति के तराने गूंजेंगे। पहली बार जम्मू कश्मीर देश को एक ऐसा संदेश देगा, जिससे हर देशवासी जम्मू कश्मीर का मुरीद हो जाएगा।

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35ए के समाप्त होने के बाद पूरे देश में पहली स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस की धूम तो होगी ही, मगर जम्मू कश्मीर के लिए इस स्वतंत्रता दिवस का विशेष महत्व है। ग्रामीणों में खासा उत्साह है। नए जम्मू कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस समारोह को मनाने के लिए सेना व अन्य सुरक्षाबल और जिला प्रशासन विशेष रूप से सहयोग करेगा। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने से जहां ग्रामीण लोग उत्साहित हैं, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी सबसे ज्यादा खुश है।

भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल किए एक वादे को पूरा कर दिया है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस को जश्न-ए-आजादी के रूप में मनाने के लिए पार्टी ने पचास हजार से अधिक राष्ट्रीय ध्वज बांटकर पूरे राज्य में देशभक्ति के साथ अभी से स्वतंत्रता दिवस का माहौल बना दिया है। पहली बार राज्य के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर स्वतंत्रता दिवस समारोह होंगे। पहले स्वतंत्रता दिवस अथवा गणतंत्र दिवस पर गांवों में तिरंगे फहराने के बहुत कम कार्यक्रम होते थे। ज्यादातर ऐसे कार्यक्रम शहरों तक ही सीमित रहते थे।

तिरंगा ही नहीं फहराएंगे बल्कि रंगारंग कार्यक्रम भी होंगे
प्रदेश में ग्रामीण लोकतंत्र यानी पंचायतों को मजबूत करने के लिए आवाज बुलंद करते आई जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने राज्यभर की 4317 पंचायतों के सरपंचों और पंचों से कहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर न सिर्फ तिरंगा फहराएं बल्कि रंगारंग कार्यक्रम भी करें। पंचायत कांफ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को लेकर ग्रामीण बहुत उत्साहित हैं। जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने से पंचायती राज मजबूत हुआ है। संविधान के 73वें संशोधन के प्रभावी होने से ग्रामीण विकास का नया अध्याय शुरू होगा।

भाजपा ने पंचातय प्रतिनिधियों और लोगों में बांटे तिरंगे
भाजपा पहले से ही इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर उत्साहित थी। जम्मू कश्मीर के हर गांव में तिरंगा फराहने के लिए उसने पंचायत प्रतिनिधियों में भी तिरंगे बांटे। वहीं 12 अगस्त को बकरीद के अवसर पर भाजपा ने ईद मिलन कार्यक्रम किया। इस दौरान उसने हजारों तिरंगे बांटे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि लोग में बहुत जोश है। पार्टी ने राज्य में अभियान चलाकर पचास हजार के करीब तिरंगे बांटे हैं, अभी भी लोग पार्टी से तिरंगे मांग रहे हैं। पार्टी जम्मू के साथ कश्मीर के कई हिस्सों में तिरंगा फहराएगी।

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Posted By: Nitin Arora