नई दिल्ली, एजेंसी। आम धारणा है कि भारतीय कंजूस होते हैं। वे पाई-पाई का हिसाब रखते हैं और रुपये-पैसे का फैसला बहुत सोच-समझकर करते हैं। लेकिन, पिछले कुछ वषर्षो के दौरान देश में उपभोक्तावाद तेजी से बढ़ने के कारण लोगों का पैसे खर्च करने का तरीका बदला है।

हर दूसरे भारतीय को अच्छी लाइफस्टाइल के लिए लोन लेने से भी परहेज नहीं है। बाजार ने भी इस नए ट्रेंड को बढ़ावा दिया है। आज की तारीख में हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए लोन उपलब्ध हैं। इसने लोगों की सोच बदल दी है।

कुछ वर्ष पहले तक लोग पहले बचत करते थे, फिर अपने शौक पूरे करते थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं रहा। एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक देश की करीब 50 प्रतिशत आबादी जीवनशैली बेहतर बनाने के लिए या उपभोक्ता सामान खरीदने के लिए लोन लेने से नहीं हिचकते।

कंज्यूमर फाइनेंस कंपनी होम क्रेडिट इंडिया की ओर से कराए गए एक सर्वे में सामने आया है कि तकरीबन आधे भारतीय मोबाइल फोन, टीवी और फ्रिज जैसे सामान खरीदने के लिए लोन लेने में कोई बुराई नहीं समझते।

सर्वे के नतीजे 

  • फोन, टीवी, फ्रिज लेने के लिए 50 प्रतिशत भारतीय को लोन से परहेज नहीं
  • दोपहिया वाहन खरीदने के लिए 23.3 फीसद भारतीय लोन लेने को तैयार
  • निजी खर्चे पूरे करने के लिए 20.3 फीसद भारतीय लेते हैं लोन का सहारा 
  • कार खरीदने के लिए 12.5 फीसद, घर के लिए 12 फीसद लोग लेते हैं लोन

सोना खरीदने के लिए लोन लेने वाले लोगों की तादाद अभी 10.5 फीसद है लोन लेकर खेती सबसे कम रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि लोन लेकर खेती करने के इच्छुक लोगों की तादाद केवल 0.7 फीसदी है। क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करके बिल को EMI में तब्दील करने वाले लोग 1.1 फीसद हैं। इसके अलावा ट्रैवल लोन 1.5 फीसद और मेडिकल लोन 3.7 फीसद रहे।

12 शहरों में हुआ सर्वे
देश में लोगों की सेविंग्स, खर्च करने और उधार लेने की आदतों के बारे में पता लगाने के लिए हुए इस सर्वे में 12 शहरों से 2,571 लोगों को शामिल किया गया था। इनमें से 33 फीसद लोगों ने कहा कि वो लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने वाले कंज्यूमर गुड्स के लिए लोन लेंगे। 34 फीसद लोगों ने कहा कि वो लोने लेने के लिए अपने दोस्तों से सलाह लेते हैं। वहीं, 31.8 फीसद लोग अपने परिवार और 25.4 फीसद लोग अपने सहयोगियों से एडवाइज लेते हैं।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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