नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कोरोना को हराने के प्रयासों में सभी सरकारी विभाग व संस्थान अपने-अपने हिसाब से योगदान दे रहे हैं। इस कड़ी में कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआइसी) के अस्पतालों ने भी कोरोना के विरुद्ध अपनी तैयारियां चाक-चौबंद कर ली हैं। ईएसआइ कारपोरेशन के देश भर में फैले अस्पतालों ने अब तक लगभग 2200 आइसोलेशन बेड और 1200 क्वारंटाइन बेड तैयार कर उपलब्ध करा दिए हैं। यही नहीं, ईएसआइसी के फरीदाबाद स्थित अस्पताल में कोविड-19 की जांच के लिए टेस्टिंग लैब भी स्थापित की गई है।

ईएसआइसी अस्पतालों ने 2200 आइसोलेशन व 1200 क्वारंटाइन बेड उपलब्ध कराए

ईएसआइसी प्रवक्ता के अनुसार कोरोना को काबू में करने के लिए ईएसआइसी ने सरकार के प्रयासों में सहभागी बनते हुए देश के विभिन्न शहरों में स्थित अपने अस्पतालों में कुल मिलाकर 2154 आइसोलेशन बेड तैयार कर संक्रमितों के लिए उपलब्ध करा दिए हैं। इनमें से कोविड-19 के लिए विशेष रूप से समर्पित 8 अस्प तालों के 1042 बेड शामिल हैं।

सबसे ज्यादा 470 बेड जोका (पश्चिम बंगाल) के ईएसआइसी अस्पताल में तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 100 बेड अंकलेश्‍वसर (गुजरात), 100 बेड (वापी) गुजरात, 100 बेड उदयपुर (राजस्थान), 100 बड बद्दी (हिमाचल प्रदेश) 80 बेड गुरुग्राम (हरियाणा), 50 बेड जम्मू तथा 42 बेड आदित्यपुर झारखंड में शासन को भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन कोविड-19 समर्पित आइसोलेशन बेड के अलावा ईएसआइसी के अन्य सामान्य अस्प तालों में भी 1112 आइसोलेशन बेड तैयार कर दिए गए हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा।

फिलहाल बीमित कर्मचारियों का सामान्य इलाज ईएसआइसी अनुबंधित अस्पतालों में होगा

इसके अतिरिक्त 197 वेंटीलेटर समेत कुल 555 आइसीयू/एचडीयू बेड भी इन अस्पतालों में उपलब्धत हैं। यही नहीं, कोरोना संक्रमित लोगों को क्वारंटाइन सुविधा प्रदान करने के लिए 1184 बेड का और इंतजाम विभिन्न ईएसआइसी अस्पतालों की ओर से किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 444 क्वारंटाइन बेड अलवर (राजस्थान) के ईएसआइसी अस्पताल में किया गया है। जबकि बाकी में 400 क्वारंटाइन बेड पटना, 240 गुलबर्गा (कर्नाटक) और 100 बेड कोरबा (छत्तीसगढ़) के ईएसआइसी अस्पताल में उपलब्ध कराई गई हैं।

बीमित कर्मचारियों का सामान्य इलाज अनुबंधित अस्पतालों में

जिन ईएसआइसी अस्पतालों को कोविड-19 के इलाज के लिए समर्पित कर दिया गया है, वहां ईएसआइ के बीमित सदस्य कर्मचारियों के सामान्य इलाज की सुविधा नहीं होगी। लिहाजा बीमित कर्मचारियों के सामान्य इलाज के लिए ईएसआइसी ने प्राइवेट अस्पतालों के साथ अनुबंध किए हैं। ऐसे कर्मचारियों को विशेष उपचार वाले मामलों में इन अनुबंधित अस्पतालों को रिफर किया जाएगा। हालांकि आपातकालीन एवं सामान्य चिकित्सा सेवाओं के लिए कर्मचारियों को रिफरल लेटर की जरूरत नहीं पड़ेगी।

लॉकडाउन के दौरान बीमित कर्मचारियों को सुविधा

लॉकडाउन के दौरान जो लाभार्थी अपनी वार्षिक एकमुश्त रकम जमा नहीं करा पाए हों और जिससे उनके ईएसआइसी बीमा कार्ड का नवीकरण नहीं हो सका हो, वे कर्मचारी भी ईएसआइ एक्ट के नियम 60 एवं 61 के तहत मेडिकल सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। ईएसआइसी ने स्थायी दिव्यांग लाभ एवं आश्रित लाभ की मद में लाभ प्राप्त करने वाले तकरीबन चार लाख लाभार्थियों का पैसा उनके खातों में डाल दिया है।

लॉकडाउन के दौरान नियोक्ताओं को राहत

लॉकडाउन के दौरान नियोक्ताओं द्वारा फरवरी का जो योगदान 15 मार्च तक जमा किया जाना था उसकी तारीख अप्रैल अंत तक बढ़ा दी गई है। इसी प्रकार मार्च का भुगतान मई में किया जा सकता है। जिन नियोक्ताओं ने अप्रैल 2019 से सितंबर, 2019 की अवधि का ईएसआई योगदान नहीं जमा किया है उन्हें एक बार की रियायत के तहत अंतिम तारीख के 42 दिनों के भीतर अर्थात 15 मई 2020 तक योगदान जमा करने की छूट दी गई है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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