मुंबई, पीटीआइ। ईडी ने बुधवार को यस बैंक (Yes Bank) के सह-संस्थापक राणा कपूर (Rana Kapoor) के खिलाफ मुंबई की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी (Enforcement Directorate यानी ED) का आरोप है कि कपूर और उनके परिवार के सदस्यों ने अपनी कंपनियों के माध्यम से बड़ा लोन जारी करने के एवज में 4,300 करोड़ रुपये हासिल किए। कपूर पर कर्ज की वसूली में ढील देने के एवज में रिश्वत हासिल करने का भी आरोप है जो संपत्तियां बाद में नॉन परफॉर्मिग एसेट (एनपीए) के रूप में तब्दील हो गईं।

केंद्रीय एजेंसी ने आठ मार्च को बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कपूर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अन्य बातों के साथ-साथ कपूर, उनकी पत्नी व तीन बेटियों की नियंत्रण वाली कंपनियों को घोटाले की आरोपित दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) की तरफ से मिले 600 करोड़ रुपये की भी जांच कर रही है। बता दें कि गिरफ्तारी के लगभग दो महीने बाद कपूर के खिलाफ उक्‍त आरोप-पत्र दायर किया गया है।

उल्‍लेखनीय है कि डीएचएफएल के संस्थापक कपिल वधावन और धीरज वधावन को भी पिछले महीने महाबलेश्वर से गिरफ्तार किया गया था जो सीबीआइ की हिरासत में हैं। बीते दिनों महाराष्ट्र की एक अदालत ने यस बैंक घोटाले के अन्‍य आरोपित एवं डीएचएफएल के प्रवर्तक कपिल और धीरज वधावन की सीबीआइ हिरासत अवधि आठ मई तक बढ़ा दी थी। दोनों यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राणा कपूर को रिश्वत देने तथा घोटाले में संलिप्तता संबंधी रिपोर्ट दर्ज किए जाने के 50 दिनों बाद सीबीआइ के हाथ लगे थे।

सीबीआइ ने वधावन व कपूर की गहरी साजिश का पता लगाने के लिए हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए कहा था कि वधावन बंधु 150 से ज्यादा मुखौटा कंपनियों का संचालन करते हैं, जिनकी जांच जरूरी है। इनके अलावा राणा कपूर व उनका परिवार कई कंपनियों का संचालन करता है। यह जांचने की जरूरत है कि राणा कपूर के परिवार की तरफ से संचालित कंपनियों से वधावन बंधुओं ने कोई लेनदेन किया है अथवा नहीं। 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस