जर्मनी-भारत के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर, एफटीए पर जल्द हो सकते हैं हस्ताक्षर
जास्पर वीक ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), श्रम प्रवासन और रक्षा सहयोग को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया। ...और पढ़ें

जर्मनी-भारत के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर
HighLights
भारत में जर्मनी के राजदूत जास्पर वीक ने नई दिल्ली में दी जानकारी
कहा, भारत-ईयू एफटीए पर साल के अंत तक हो सकते हैं हस्ताक्षर
पीटीआई, नई दिल्ली। जर्मनी ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत के साथ व्यापार, रक्षा और श्रम गतिशीलता के क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत करने की इच्छा जताई है।
भारत में जर्मनी के राजदूत जास्पर वीक ने बुधवार को नई दिल्ली में कहा कि मौजूदा दौर में दोनों देशों के संबंधों का महत्व बढ़ गया है।
जास्पर वीक ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), श्रम प्रवासन और रक्षा सहयोग को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि एफटीए पर 2026 के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं।
रक्षा क्षेत्र में उन्होंने कहा कि भारत के साथ संभावित छह पारंपरिक पनडुब्बियों का सौदा द्विपक्षीय संबंधों को बड़ा बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा ड्रोन और अन्य मानवरहित प्रणालियों, साइबर क्षमताओं, मिसाइल तकनीक और सेंसर के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं हैं।
प्रस्तावित प्रोजेक्ट-75आइ के तहत करीब आठ अरब यूरो के समझौते में जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स और भारत की मझगांव डाक शिपबिल्डर्स की भागीदारी प्रस्तावित है।
जर्मन राजदूत ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से ऊर्जा, अनाज और उर्वरक कीमतों पर असर पड़ा है। छात्र वीजा से जुड़े लंबित मुद्दों पर वीक ने कहा कि जर्मनी इन चिंताओं को दूर करने के लिए काम कर रहा है। साथ ही, उन्होंने दोनों देशों के बीच छात्रों और कुशल कामगारों की आवाजाही को आसान बनाने के महत्व पर भी जोर दिया।
