7500, 7600 या 7700... दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान ने कौन-सा कोड दिया और क्या होता है इनका मतलब?
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट ने 7500, 7600 और 7700 में से कौन सा इमरजेंसी सिग्नल ...और पढ़ें
HighLights
दुबई-तेल अवीव फ्लाइट ने बीच रास्ते में इमरजेंसी सिग्नल भेजे।
प्लेन में पायलटों के बीच हुई लड़ाई।
पायलट ने इमरजेंसी स्क्वॉक कोड का इस्तेमाल किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुबई से आज सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट ने उड़ान भरी। ये फ्लाइट तेल अवीव में लैंड होनी थी, लेकिन बीच रास्ते में ही प्लेन से कुछ ऐसे सिग्नल भेजे गए, जिनसे पता चला कि फ्लाइट खतरे में है।
दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में 150 से ज्यादा यात्री सवार थे। शुरुआत में जानकारी सामने आई कि इजरायल जा रही इस फ्लाइट को हाईजैक कर लिया गया है, लेकिन सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर फ्लाइट की सेफ लैंडिंग के बाद कहानी कुछ और बताई गई।
फ्लाई दुबई एयरलाइंस ने पुष्टि की कि पायलटों के बीच लड़ाई हुई और बात चाकूबाजी तक पहुंच गई, जिकी वजह से इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया था। इस फ्लाइट ने उड़ान के दौरान पहले 7700 सिग्नल भेजा और फिर इसके बाद 7500।
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अगर इन सिग्नल के बारे में गौर किया जाए तो ये बात सामने आती है कि इमरजेंसी के दौरान पायलट कुछ कोड भेजते हैं। आखिर ये कोड किस तरह के होते हैं और इनका क्या मतलब होता है, आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं।
फ्लाइट से कैसे भेजा जाता है इमरजेंसी सिग्नल?
आसमान में उड़ रहे फ्लाइट में लोगों के फोन के सिग्नल डेड होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि प्लेन में उड़ते हुए जमीन पर लोगों से संपर्क न किया जा सके।
ट्रांसपोंडर जैसे कई कम्युनिकेशन डिवाइस की वजह से धरती पर मौजूद लोगों से संपर्क किया जा सकता है। वहीं एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) या हवा में उड़ रहे दूसरे पायलटों से भी सीधी बातचीत हो सकती है, लेकिन ये बातचीत 'स्क्वॉक कोड' (squawk codes) के जरिए की जाती है।
स्क्वॉक कोड के जरिए पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल को प्लेन से जुड़ी कोई भी जानकारी भेज सकता है। इसके साथ ही फ्लाइट में कोई इमरजेंसी होने पर भी ATC को जानकारी दी जा सकती है।
क्या है स्क्वॉक कोड?
स्क्वॉक कोड 4-अंकों वाले कोड होते हैं जो उड़ान के दौरान बातचीत के लिए ATC की तरफ से पायलटों को दिए जाते हैं। इन कोड से ATC और पायलट के बीत बातचीत को बेहतर रखा जाता है ताकि किसी भी बात को आसानी से समझा जा सके।
ATC पूरी उड़ान के दौरान इस कोड का इस्तेमाल करता है क्योंकि इससे बुनियादी जानकारी मिलती है और उड़ान को दिशा भी मिलती है। आसमान में मौजूद हर विमान के लिए स्क्वाक कोड अलग-अलग होता है। हालांकि, इन सभी कोड में 0 से 7 तक के सिर्फ चार अंक होते हैं।
एक बार जब यह कोड पायलट को दे दिया जाता है, तो इसे ट्रांसपोंडर में डाला जाता है ताकि यह ATC टावर की स्क्रीन पर दिखाई दे और लोकेशन की जानकारी देता रहे। इसे सही तरीके से करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह सुरक्षा के लिए काफी अहम होता है।
स्क्वॉक कोड के जरिए ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अपने टावर में लगी स्क्रीन पर विमानों पर नजर रखता है। इससे यह पता चलता है कि फ्लाइट्स अपनी सही जगह और ऊंचाई पर बनी हुई है।
भीड़-भाड़ वाले एयरस्पेस में, स्क्वॉक कोड की मदद से ATC विमानों को सुरक्षित रूप से रास्ता दिखाता है ताकि वे आपस में न टकराएं। ट्रांसपोंडर बंद करने या गलत स्क्वॉक कोड डालने के बहुत बुरे नतीजे हो सकते हैं।
ICAO के तीन इमरजेंसी स्क्वॉक कोड
स्क्वॉक कोड का इस्तेमाल आसमान में प्लेन उड़ा रहे पायलट और जमीन पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के बीच बातचीत के लिए किया जाता है। इससे ये समझा जा सकता है कि इन कोड का इस्तेमाल इमरजेंसी की स्थितियों में भी किया जाएगा।
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) ने तीन इमरजेंसी स्क्वॉक कोड बनाए हैं, जिनका इस्तेमाल तब किया जाता है जब विमान को सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या हो।
- स्क्वॉक 7500
- स्क्वॉक 7600
- स्क्वॉक 7700
स्क्वॉक 7500 (Squawk 7500)
जब कोई पायलट ट्रांसपोंडर में स्क्वॉक 7500 कोड डालकर ATC से संपर्क करता है, तो वह जमीन पर मौजूद लोगों को यह बताता है कि विमान हाईजैक होने के कारण मुश्किल में है। इससे ये संकेत दिया जाता है कि ATC और दूसरी सुरक्षा सेवाओं से तुरंत मदद की जरूरत है।
कई बार स्क्वॉक 7500 का मतलब होता है कि पायलट का विमान पर अब कंट्रोल नहीं है या उन्हें रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है।
स्क्वॉक 7600 (Squawk 7600)
अगर प्लेन का रेडियो ठीक से काम नहीं करता है तो बातचीत बंद हो सकती है। इससे सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसा होने से प्लेन से ATC को बोलकर जानकारी नहीं दी जा सकती, इसलिए वे तुरंत अपने ट्रांसपोंडर में कोड बदलकर Squawk 7600 कर सकते हैं। इससे इससे ATC को रेडियो के खराब होने की जानकारी मिल जाती है।
जैसे-जैसे हवाई जहाज अपने एयरपोर्ट की ओर बढ़ता है, ATC उन लोगों के साथ जरूरी बदलाव कर सकता है जिनसे वे बात कर सकते हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि जब खराब रेडियो वाला हवाई जहाज उतरे, तो आसमान में मौजूद सभी लोग सुरक्षित रहें।
स्क्वॉक 7700 (Squawk 7700)
स्क्वॉक 7700 एक इमरजेंसी का संकेत देता है। यह किसी भी तरह की इमरजेंसी हो सकती है। पायलट इसे खुद ट्रांसपोंडर में डाल सकते हैं या ATC के कहने पर ऐसा कर सकते हैं। इससे ग्राउंड कंट्रोल को पता चल जाता है कि हवाई जहाज किसी गंभीर समस्या का सामना कर रहा है और उसे मदद की जरूरत है।
स्क्वॉक 7700 का इस्तेमाल तब किया जा सकता है जब कोई मैकेनिकल या टेक्निकल समस्या हो। इसका इस्तेमाल मेडिकल समस्याओं के बारे में अलर्ट करने के लिए भी किया जा सकता है।
जैसे-जैसे हवाई जहाज डेस्टिनेशन एयरपोर्ट के पास पहुंचता है, जमीन पर मौजूद लोग रनवे को खाली करके और सभी इमरजेंसी सेवाओं को स्टैंडबाय पर रखकर इमरजेंसी से तुरंत निपटने के लिए तैयार हो सकते हैं।
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