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मार्च 2019 तक सबको मिलेगी 24 घंटे बिजली, सरकार ने बनाया ये प्लान

Publish Date:Thu, 07 Dec 2017 08:46 PM (IST) | Updated Date:Thu, 07 Dec 2017 08:47 PM (IST)
मार्च 2019 तक सबको मिलेगी 24 घंटे बिजली, सरकार ने बनाया ये प्लानमार्च 2019 तक सबको मिलेगी 24 घंटे बिजली, सरकार ने बनाया ये प्लान
राज्यों के बिजली मंत्रियों की बैठक में मार्च, 2019 तक पूरे देश में चौबीसों घंटे बिजली देने की योजना का एजेंडा तैयार किया गया।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अगले आम चुनाव से पहले सरकार देश के हर घर में चौबीसों घंटे बिजली देने की अपनी योजना को अमली जामा पहचाने में जुट गई है। गुरुवार को बिजली मंत्री आर के सिंह की अध्यक्षता में राज्यों के बिजली मंत्रियों की बैठक में मार्च, 2019 तक पूरे देश में चौबीसों घंटे बिजली देने की योजना का एजेंडा तैयार किया गया।

एजेंडे के तहत राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को यह सुनिश्चित करना होगा कि बिजली कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों को चौबीसों घंटे बिजली भी मिले। ऐसा नहीं करने पर  डिस्कॉम के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। इस योजना को लेकर सरकार कितनी गंभीर है इसका पता इस बात से चलता है कि बिजली मंत्री सिंह ने कहा कि, ''हम निर्धारित लक्ष्य से पहले दिसंबर, 2018 तक ही हर घर को चौबीसों घंटे बिजली देने का काम करेंगे।''

वैसे सरकार यह बात बखूबी समझ रही है जहां चार करोड़ घरों में अभी भी बिजली कनेक्शन नहीं है वहां हर घर को हर वक्त बिजली देने की राह में कई बाधाएं है। लेकिन इन बाधाओं को दूर करने के लिए कई दूरगामी प्रभाव वाले फैसले किये गये हैं। इसमें एक फैसला है कि हर राज्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि मार्च, 2019 तक उनके यहां बिजली चोरी और वितरण से होने वाली हानि का स्तर 15 फीसद से कम हो।

अभी कई राज्यों में यह 30 फीसद से ज्यादा है। उत्तर प्रदेश व बिहार जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा टीएंडडी हानि होती है। बिजली मंत्री ने उत्तर प्रदेश में बिजली क्षेत्र में किये जा रहे सुधार पर वहां के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा की तारीफ भी की। हर घर को बिजली देने में उत्तर प्रदेश की भूमिका बेहद अहम होगी। नई सरकार आने के बाद वहां 21 लाख नए कनेक्शन दिए गये हैं लेकिन अभी भी 1.57 करोड़ घरों को अभी कनेक्शन देने का काम करना होगा।

आज की बैठक में एक दूसरी सहमति यह बनी है कि बिजली के बिल को ज्यादा से ज्यादा स्वचालित बनाया जाएगा। यानी मीटर रीडर के आने और बिजली बिल तैयार करने और ग्राहकों पर्ची को देने की परंपरा खत्म होगी। 90 फीसद घरों में बेहतरीन किस्म के स्मार्ट मीटर लगेंगे जो सीधे ग्राहकों को उनके मोबाइल फोन या किसी अन्य माध्यम से मासिक बिजली बिल की जानकारी देंगे।

बिजली बिल समय पर नहीं पहुंचाने से बड़ी संख्या में ग्राहक बिजली बिल की अदाएगी नहीं कर पाते। राज्यों में बिजली के ढांचे को मजबूत करने के लिए मौजूदा योजनाओं के तहत 85 हजार करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। छोटे उपभोक्ताओं के घर में प्री पेड मीटर लगाने और बड़े ग्राहकों के यहां स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया जाएगा। मोबाइल से बिजली मीटर को रिचार्ज करने की सुविधा भी शुरु की जाएगी। ग्राहकों को अपनी मर्जी से डिस्काम के चुनाव की भी आजादी होगी। एक बिजली वितरण कंपनी से संतुष्ट नहीं होने पर वे दूसरी कंपनी से बिजली ले सकेंगे।

साथ ही सरकार ने यह मंशा भी जता दी है कि बिजली क्षेत्र में क्रास सब्सिडी को अब ज्यादा दिनों तक नहीं ढोया जा सकता। राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि क्रास सब्सिडी का स्तर 20 फीसद से ज्यादा न हो यानी राज्य में जितनी बिजली खपत हो रही है उसमें से 80 फीसद की बिलिंग लागत और मुनाफा जोड़ कर किया जाए। राज्यों को सिर्फ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सब्सिडी देने की इजाजत होगी।

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Web Title:electricity will be provided for 24 hours by 2019(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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