नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। दीपों का पर्व दीवाली इस बार देश भर में बगैर किसी बिजली कटौती के मन सकता है। बस शर्त यह है कि राज्य सरकारें पर्याप्त बिजली खरीदें। हाल के दिनों में बिजली दिक्कत की कई खबरों के आने के बाद बुधवार को केंद्र सरकार ने पूरे हालात का गंभीरता से जायजा लिया। अभी देश में बिजली की मौजूदा स्थिति यह है कि सिर्फ कोयला आधारित बिजली संयंत्र ही 1,93,000 मेगावाट बिजली पैदा कर रहे हैं जबकि देश में बिजली की कुल मांग सिर्फ 1,60,000 मेगावाट है। यह मंगलवार (17 सितंबर, 2017) की पीक आवर डीमांड है है। दीवाली के दिन इस मांग में तकरीबन 10 फीसद इजाफा होने का अनुमान है जिसे आसानी से राज्य सरकारें पावर एक्सचेंज से खरीद कर पूरी कर सकते हैं।

बुधवार को रेल व कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने बिजली मंत्री आर के सिंह और बिजली से जुड़े तमाम विभागों के आला अधिकारियों के साथ बिजली की स्थिति पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बिजली मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हाल ही में बिजली की कीमतों में भारी वृद्धि की बात की गई है जो तथ्यपरक नहीं है। बुधवार को भी देश के पावर एक्सचेंजों में बिजली की अधिकतम कीमत 4.33 रुपये प्रति यूनिट रही है। एक दिन पहले यानी 17अक्टूबर, 2017 को शाम 6.30 से 7 बजे के बीच पावर एक्सचेंज में बिजली 10.48 रुपये की दर पर उपलब्ध थी लेकिन इसके अलावा दिन में इसकी अधिकतम कीमत 5.45 रुपये प्रति यूनिट रही है। सभी ताप बिजली घरो में कोयले की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है। मंगलवार को इस बारे में एक अलग उच्चस्तरीय बैठक रेल, कोयला और बिजली मंत्रालय के अधिकारियों और कोयला कंपनियों के अधिकारियों के साथ हुई थी। कोयला आपूर्ति की नई योजना बनाई गई है जिसे बुधवार से ही लागू किया जा रहा है। इससे कोयले की आपूर्ति और सुधरेगी।

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Posted By: Manish Negi