अरविंद पांडेय, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही कई अहम योजनाएं जहां की तहां ठप हो गई। इसी में एक योजना मिड डे मील की है, जिसे विस्तार देकर 12वीं तक के छात्रों तक को दोपहर का भोजन मुहैया कराना है। राज्यों के सुझाव पर केंद्र ने विस्तृत मसौदा भी तैयार कर लिया था, लेकिन चुनाव की घोषणा ने उनके आगे की थाली ही खींच ली। अब उन्हें चुनाव बाद ही यह सुविधा मुहैया हो सकेगी।

स्कूलों में अभी आठवीं तक बच्चों को मिड-डे मील दिया जा रहा है। इससे पहले यह सिर्फ पांचवी तक दिया जाता था। मिड-डे मील (दोपहर के खाने) योजना को विस्तार देने की यह तैयारी राज्यों की ओर लंबे समय से आ रही मांग के बाद की गई है। इसमें राज्यों ने एक ही स्कूलों में आधे बच्चों को दोपहर का खाना देने और आधे बच्चों को न देने का मुद्दा उठाया था।

राज्यों को कहना था कि मौजूदा समय में बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल है, जहां छठवीं से 12वीं तक पढ़ाई एक साथ ही होती है। जबकि मिड-डे मील योजना के तहत सिर्फ छठवीं से आठवीं तक के ही बच्चों को खाना दिया जाता था। ऐसे में एक विद्यालयों में पढ़ने वालों बच्चों के साथ दोहरा बर्ताव ठीक नहीं है।

अधिकारिक सूत्रों की मानें तो केंद्र भी राज्यों प्रस्तावों से सहमत था, जिसे विस्तार देने की योजना भी तैयार कर ली गई थी। मंत्रालय स्तर पर इसको लेकर सारी कवायद पूरी की गई। आला अधिकारियों से लेकर मंत्री स्तर पर भी चर्चा हुई। चुनाव की घोषणा होने के ठीक पहले इसे लेकर तेजी भी दिखाई गई, लेकिन बाद में अचानक चुनाव के मद्देनजर इसे फिलहाल चुनाव बाद तक के लिए टाल दिया गया।

फिलहाल अलग-अलग टुकड़ों में बंटी स्कूलों शिक्षा को समग्र शिक्षा के जरिए एक साथ लाने के बाद मंत्रालय के पास पैसों की पहले जैसी कमी नहीं है। इससे पहले स्कूली शिक्षा प्राथमिक, माध्यमिक, सर्व शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई थी। सरकार ने पिछले बजट में ही इसे एक साथ करने का काम किया है। ऐसे में मिड-डे योजना को विस्तार मिलता है, तो स्कूलों में नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को भी दोपहर का खाना मिलेगा।

स्कूलों में मिड-डे मील योजना की शुरुआत वैसे तो 1995 से की गई है, लेकिन इसे 2004 में देश भर के सभी स्कूलों में लागू किया गया। शुरूआत में यह स्कूलों में सिर्फ पहली से पांचवी तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए थी। लेकिन 2008-09 में इसे विस्तार देने हुए आठवीं तक कर दिया गया।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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