बीजापुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में काम कर रही बीजापुर पुलिस और 204 कोबरा बटालियन टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों से प्रभावित होकर क्षेत्र में सक्रिय एक नक्सली प्लाटून कमांडर ने आत्मसमर्पण किया है, जिसपर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह नक्सली लीडर क्षेत्र में होने वाली नक्सल गतिविधियों का मास्टर माइंड बताया जा रहा है।

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नक्सलियों की खोलखी विचारधारा और शोषणकारी नीति से त्रस्त होकर पीएलजी बटालियन नंबर 1 के प्लाटून कमांडर सुधीर कोरसा उर्फ प्रकाश ने समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का मन बनाया और उसने सुरक्षा बलों से संपर्क किया।

बताया गया कि उसे यह सकारात्मक फैसला लेने में 204 कोबरा बटालियन के निरीक्षक सोमदेव आर्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार को उसने अपने हथियार एके-47 समेत जिला मुख्यालय आकर आत्मसमर्पण किया। उसे प्रारंभिक आर्थिक सहायता के तौर पर शासन की ओर से 10 हजार रुपये दिए गए हैं। पुनर्वास नीति का भी उसे पूरा लाभ दिया जाएगा।

एसपी पटेल ने बताया कि पूर्व माओवादी लीडर सुधीर साल 2005 में नक्सल संगठन में भर्ती हुआ था। वह छत्तीसगढ़ और ओडिशा क्षेत्र में कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है। साल 2013 से वह नक्सलियों के ट्रेनिंग स्कूल में काम कर रहा था।

उप-चुनाव से ठीक पहले दो इनामी समेत छह नक्सली ढेर

हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा उपचुनाव में दहशत फैलाने के लिए सक्रिय नक्सलियों को मुंह की खानी पड़ी। पिछले शुक्रवार की रात किरंदुल थाना क्षेत्र के कुटरेम और समलवार के बीच जंगल में हुई मुठभेड़ में पुलिस और डीआरजी की संयुक्त फोर्स ने एनआइए की सूची में 36वें और 40वें स्थान पर शामिल दो हार्ड कोर नक्सलियों को मार गिराया। दोनों पांच-पांच लाख रुपये के इनामी हैं। इसके अलावा विधायक भीमा मंडावी की हत्या में भी शामिल थे।

फिर शनिवार की सुबह बीजापुर जिले के आवापल्ली थाना क्षेत्र के पुन्नूर की पहाड़ी पर हुई मुठभेड़ में जवानों ने एक लाख के इनामी नक्सली को मार गिराया है। वहीं, सुकमा जिले में हुई एक अन्य मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने तीन नक्सलियों को ढेर किया।

Posted By: Nitin Arora

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