जागरण संवाददाता, जयपुर। पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में बंद राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर और जैसलमेर जिलों के चार लोगों की वतन वापसी को लेकर सामाजिक संगठनों ने प्रयास तेज कर दिए हैं। भारत और पाकिस्तान सीमा की बाड़ खींचे जाने से पहले अनजाने में सरहद पार चले जाने वाले चार लोगों की रिहाई के लिए लोगों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है । गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही जयपुर के गजानंद की कई साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहाई हुई थी।

जानकारी के अनुसार बाड़मेर निवासी भागू सिंह, टीलाराम और साहुराम एवं जैसलमेर निवासी जमालदीन पाकिस्तान जेल में बंद हैं। भागू सिंह और जमालदीन 1986 में, टीलाराम 1988 में और साहुरम 1989 में जानवर चराते समय अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा लांघकर पाकिस्तान चले गए थे । पहले तो इनके बारे में कोई सूचना नहीं मिली, लेकिन काफी लंबे अर्से तक परिजनों ने स्थानीय सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से तलाश शुरू की तो सामने आया कि ये चारों पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में बंद हैं।

चारों लोगों के परिजन काफी समय से केंद्रीय गृहमंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब जयपुर निवासी गजानंद शर्मा के पाक जेल से वतन वापसी के बाद इन चारों के परिजनों की भी उम्मीद जगी है। सीमांत लोक संगठन, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना और चारण महासभा आदि संगठनों ने पाकिस्तान की जेलों में बंद चारों लोगों की रिहाई को लेकर केंद्र सरकार से प्रयास करने की मांग की है।

Posted By: Ravindra Pratap Sing