वेदांता वाले अनिल अग्रवाल को झटका: FEMA मामले पर ED का एक्शन, दिल्ली-मुंबई-राजस्थान परिसरों की ली गई तलाशी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फेमा उल्लंघन के आरोप में उद्योगपति अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह के दिल्ली, मुंबई और उदयपुर स्थित परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।

वेदांत वाले अनिल अग्रवाल को झटका ( फोटो-Vedanta)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के उल्लंघन के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अग्रवाल की वेदांता ग्रुप के ठिकानों की तलाशी ली।
सोमवार को ईडी के अधिकारी दिल्ली, मुंबई और राजस्थान के उदयपुर स्थित वेदांता के चार परिसरों में पहुंचे और विदेशी लेन-देन के जुड़ी फाइलों की पड़ताल की।
फेमा उल्लंघन एक सिविल अपराध है और साबित होने पर कंपनी पर जुर्माना देना पड़ सकता है। ईडी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार लंदन स्थिति मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेस और भारत स्थित वेदांता लिमिटेड के बीच हुई लेन-देन जांच के दायरे में है।
क्या है मामला?
2023 में वेदांता रिसोर्सेज ने ब्रांड शुल्क का एक हिस्सा वेदांता लिमिटेड को वापस किया था और उसमें फेमा का उल्लंघन किया गया था। ईडी इसी की जांच कर रही है।
वेदांता समूह ने ईडी की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी जांच में एजेंसी का पूरी तरह से सहयोग कर रही है।
वेदांता समूह धातुओं, महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी का वैश्विक स्तर पर उत्पादन करती है और इसका काम भारत, अफ्रीका, मध्य पूर्व और पूर्वी एशिया तक फैला हुआ है। ईडी ने फिलहाल फेमा उल्लंघन करके भारत लाए गए राशि के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तलाशी में कई अहम दस्तावेज मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। इनकी जांच के बाद ही फेमा उल्लंघन की राशि के बारे में स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है।
फेमा के नियमों उल्लंघन में किसी प्रकार की सजा का प्रविधान नहीं है। ईडी सिर्फ फेमा उल्लंघन की राशि का तीन गुना तक जुर्माना लगा सकती है।
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