यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोटबंदी की घोषणा के बाद खाते में आई हर बड़ी रकम पर है ED की नजर
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नोटबंदी के बाद खाते में आई हर बड़ी रकम पर नजर बनाए हुए है। इसकी बाकायदा जांच ...और पढ़ें

नई दिल्ली (एएनआई)। नोटबंदी के चलते अपने कालेधन को सफेद बनाने में लगे लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय की कड़ी नजर है। ईडी का कहना है कि उनकी नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंक खातों में आई एकमुश्त बड़ी रकम पर उनकी नजरें हैं। उनके मुताबिक वह देेख रहे हैंं कि किस खाते में इस घोषणा के बाद बड़ी रकम जमा की गई है। इसके अलावा ईडी ने शक के दायरे में आने वाले सभी खातों और ट्रांजेक्शन की भी जांच की जाएगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने देशभर के दस बैंकों की करीब 50 शाखाओं को चुना है जहां पर सबसे अधिक धनराशि नोटबंदी की घोषणा होने के बाद जमा की गई है। दरअसल इस घोषणा के बाद से ही कालाधन रखने वाले लोगों ने अधिकतर जन धन खातों के माध्यम से अपने धन को सफेद करने की जो रणनीति अपनाई थी उस पर सरकार नकेल कसने की तैयारी कर रही है।
वेतन निकासी को लेकर आज बैंकों पर ज्यादा प्रेशर
एक रैली में संबोधित करते हुए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात मानी थी कि भ्रष्टाचार से एकत्रित किया गए धन को कुछ लोग इन खातों में जमा कर इसको सफेद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सभी खाताधारकों को इसके लिए आगाह भी किया था और कहा था कि वह खाते में जमा धन किसी भी सूरत में वापस न लौटाएं।
सरकार पहलेे ही यह साफ कर चुकी है कि वह इस घोषणा के बाद खाते में जमा हुए धन पर अपनी कड़ी नजर बनाए हुए है। एक रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी की घोषणा के बाद सरकार की सोच से भी कहीं अधिक धन बैंकों में जमा हुआ है।
