शेयर हेरफेर मामले में महाराष्ट्र और गुजरात में ED की छापामारी, लाखों निवेशकों को उठाना पड़ा था नुकसान
प्रवर्तन निदेशालय ने शेयर हेरफेर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में छापामारी की। ...और पढ़ें

दफ्तर के बाहर लगे बोर्ड की तस्वीर (फाइल)
HighLights
ED ने महाराष्ट्र और गुजरात में की छापेमारी।
शेयर हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला।
लाखों छोटे निवेशकों को हुआ था भारी नुकसान।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शेयर में हेरफेर की वजह से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र और गुजरात में छापामारी की। शुक्रवार को इन दोनों राज्यों के कई शहरों में तलाशी अभियान चला कर कुछ अहम दस्तावेजों को जब्त किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ये कार्रवाई दो लिस्टेड कंपनियों के शेयर में कथित हेरफेर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। इस मामले में कंपनियों से जुड़े लोगों पर आरोप है कि उन्होंने जबरन कंपनी के शेयर के दाम बढ़ाए।
शेयर में धांधली कर कमाए पैसे
जिन कंपनियों पर कार्रवाई की गई हो उनमें से एक महाराष्ट्र और दूसरी गुजरात में काम करती है। अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने खास लोगों और इकाइयों को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए। वहीं इन शेयरों के लिए अदा किए गए पैसे कंपनी, कर्जदाताओं और आपस से जुड़े लोगों के एक छोटे से समूह से आया था।
एक लाख से ज्यादा लोगों को हुआ नुकसान
कंपनी के हेरफेर के बारे में खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि शेयरों की कीमतों को लगातार बढ़ाया गया, जबकि ये शेयर मुख्य रूप से उन्हीं लोगों के पास बने रहे। इस वजह से अनुमान के मुताबिक एक लाख से ज्यादा छोटे निवेशकों को घाटा हुआ। घाटे की मुख्य वजह ये रही कि उनके शेयर बेचे ही नहीं जा सके।
इन जगहों पर चली छापेमारी
तलाशी का अभियान गांधीनगर, अहमदाबाद, मुंबई, नासिक, सूरत और भावनगर में चला, जहां दोनों कंपनियों के प्रमोटरों के घरों की तलाशी ली गई। ईडी के अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों को कम कीमत पर शेयर दिए गए थे, उनके ठिकानों, पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। इन पर कुछ ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप चलाने का शक है जिनका इस्तेमाल शेयरों के प्रचार-प्रसार के लिए किया जाता था।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
