नई दिल्ली, आइएएनएस। चीन ने भारत के युवकों को अपनी जाल में फंसा करोड़ों रुपये की ठगी की। प्रवर्तन निदेशालय ( Enforcement Directorate, ED) की छापेमारी के बाद पूरा मामला सामने आया है। दरअसल बेंगलुरु में ऐसे फर्मों का संचालन किया जा रहा है जिसके पीछे चीन है। इनपर पार्ट टाइम नौकरी को लेकर धोखाधड़ी का आरोप है। निदेशालय की छापेमारी में बेंगलुरु के 12 फर्मों से करीब 5.85 करोड़ रुपये जब्त किए गए। ये फर्म निर्दोष युवाओं के साथ जालसाजी कर रहे थे।

मोबाइल एप कीपशेयरर से हो रही थी ठगी

चीनी एप कीपशेयरर (Keepshare) के जरिए युवाओं को पार्ट टाइम जाब का लालच दे उनसे धन कमाया जा रहा था। ED ने मामले में मनी लान्ड्रिंग (money laundering) की जांच शुरू कर दी है। दरअसल इस मामले में साउथ सेन पुलिस स्टेशन (South CEN Police Station) में मामला दर्ज कराया गया था। इसमें ही पार्ट टाइम नौकरी को लेकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।

ऐसे ऐंठते थे युवाओं से पैसे

अपनी जांच में ED को पता चला कि अधिकतर युवाओं के साथ कुछ चीनी लोगों ने धोखाधड़ी की है। ED ने बताया कि कीपशेयरर नाम के मोबाइल एप के जरिए युवाओं से पार्ट टाइम नौकरी देने का वादा कर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे थे। चीन के लोगों ने भारत में कंपनियां बनाईं जिसमें डायरेक्टर, ट्रांसलेटर (मंडारिन से अंग्रेजी और अंग्रेजी से मंडारिन), HR मैनेजर और टेलीकालर्स के तौर पर अधिकतर भारतीयों को नियुक्त किया था। इन भारतीयों की डिटेल्स के आधार पर बैंक में खाते बनाए। आरोपियों ने कीपशेयरर नाम से मोबाइल एप बनाया और व्हाट्सएप व टेलीग्राम के जरिए प्रमोट किया। इसमें युवाओं को पार्ट टाइम नौकरी देने के वादे किए गए।

यूं टास्क दे वसूलता था पैसे 

एक इंवेस्टमेंट एप के साथ कीपशेयरर को लिंक किया गया और इस एप पर युवाओं से रजिस्ट्रेशन के लिए रकम निर्धारित की गई। अधिकारी ने बताया, 'युवाओं को सेलिब्रिटी की वीडियोज लाइक करने और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने का काम दिया जाता था। काम पूरा हो जाने के बाद प्रति वीडियो 20 रुपय देने होते थे जो कीपशेयरर के वालेट में जमा होता था।'

ED ने बताया कि कुछ समय के लिए उनके वालेट में धनराशि जमा होती थी लेकिन बाद में प्लेस्टोर से एप रिमूव कर लिया जाता था। इस तरह लोगों को ठगा जा रहा था। धनराशि को बेंगलुरु की कंपनियों के बैंक खाते से लेकर क्रिप्टो करेंसी में बदला जाता था। इसके बाद यह चीन की क्रिप्टो एक्सचेंज में पहुंचता था। यह पूरा काम चीन के कुछ लोगों की मानिटरिंग में फोन व व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हो रहा था। पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में शामिल 92 आरोपियों में से 6 चीन के हैं और बाकी ताइवान के। मामले में जांच जारी है।

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Edited By: Monika Minal

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