नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भूमि आवंटन के नाम पर निवेशकों को कथित रूप से धोखा देने वाली कंपनियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले की जांच के तहत तमिलनाडु के विभिन्न शहरों में 207 करोड़ रुपये कीमत की 3,850 एकड़ जमीन कुर्क की है।

केंद्रीय एजेंसी ने सोमवार को बताया कि मदुरै, रामनाथपुरम और चेन्नई में स्थित और डिस्क एसेट्स लीड इंडिया लिमिटेड, ईगल्स आइ रियल एस्टेट्स, मीडो रियल्टर्स और इन कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों के नाम पर पंजीकृत कुल 1,081 भूखंडों को धन मनी लांड्रिंग निरोधक शोधन रोकथाम कानून (PMLA) के तहत कुर्क किया गया है।

भूखंड देने के नाम पर किस्तों में वसूले पैसे

समूह और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ ईडी ने यह मामला तमिलनाडु पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की प्राथमिकी के बाद दर्ज किया है, जिसमें आरोप है कि आरोपितों ने तमिलनाडु और केरल के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से भूखंड देने के नाम पर किस्तों में पैसे वसूले।

कंपनी ने 1,273 करोड़ रुपये की कुल धनराशि एकत्र की

एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच में पाया गया कि कंपनी (डिस्क एसेट) के निदेशकों ने सेबी अधिनियम की कानूनी बाध्यताओं से बचने के लिए डल मार्केटिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और अयान मार्केटिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कुछ अन्य संस्थाओं को डिस्क एसेट लीड इंडिया लिमिटेड की ओर से जनता से पैसा वसूलने के लिए आगे किया था। इस कंपनी ने 1,273 करोड़ रुपये कुल धनराशि एकत्र की है।

आरोपितों ने जमाकर्ताओं को न तो जमीन आवंटित की और न ही उनके पैसे लौटाए। कंपनी के निदेशकों और प्रमुख प्रबंधकीय पदों पर नियुक्त कíमयों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

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