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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IMA Jewels case: ईडी ने 20 संपत्तियों समेत 209 करोड़ जब्‍त किए, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी

By Krishna Bihari SinghEdited By:
Published: Fri, 28 Jun 2019 02:40 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jun 2019 03:48 PM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय ने आइएमए ज्वेल्स के प्रबंध निदेशक मंसूर खान पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एजेंसी मंसूर खान ...और पढ़ें

IMA Jewels case: ईडी ने 20 संपत्तियों समेत 209 करोड़ जब्‍त किए, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी
IMA Jewels case: ईडी ने 20 संपत्तियों समेत 209 करोड़ जब्‍त किए, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी

नई दिल्‍ली, एएनआइ। IMA Jewels case धर्म के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर अरबों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आइ मोनेटरी एडवाइजरी (आइएमए) ज्वेल्स के प्रबंध निदेशक मंसूर खान पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate, ED) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी मोहम्‍मद मंसूर खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में जुट गया है। साथ ही ईडी ने पोंजी स्‍कीम केस में मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत 20 अचल संपत्तियों और बेंगलूरू में आईएमए समूह व उसके प्रबंध निदेशक मंसूर खान के बैंक खातों के कुल 209 करोड़ रुपये जब्‍त कर लिए हैं। 

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय मंसूर खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में जुट गया है। साथ ही उसके खिलाफ भगोड़े आर्थिक अपराध अधिनियम के खिलाफ कार्रवाई करने की संभावनाओं का भी परीक्षण कर रहा है। इस मामले में आइएमए के सात निवेशकों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। ईद के बाद से ही मंसूर खान फरार है।पुलिस काफी शिदृत से उसे तलाश कर रही है। आइएमए पर अपने निवेशकों को पिछले तीन महीने से ब्याज का भुगतान नहीं करने का आरोप है। 

बता दें कि मंसूर खान ने कथित तौर पर ज्यादा रिटर्न का लालच देकर हजारों लोगों से कंपनी में निवेश कराया था। निवेश करने वाले ज्यादातर मुस्लिम हैं। लगभग दो हजार करोड़ रुपये के निवेश का अब तक पता चला है। इसमें 200 करोड़ रुपये तो सिर्फ मुस्लिम महिलाओं द्वारा निवेश किया गया है। आइएमए के खिलाफ अब तक 38 हजार निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में कर्नाटक सरकार ने भी जांच के लिए 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है। आइएमए मामले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में 18 याचिकाएं दायर की गई हैं। कंपनी में निवेश करने वालों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं।