नई दिल्‍ली (एएनआई)। आइएनएक्‍स मीडिया केस में कार्ति चिदंबरम के चाटर्ड अकाउंटेंट एस भास्कररमन को दिल्ली हाइकोर्ट ने जमानत दे दी है। इधर आइएनएक्‍स केस में ही दिल्‍ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सुप्रीम कोर्ट पहुंची है जहां मनी लांड्रिंग केस में कार्ति चिदंबरम को राहत दी गयी थी।

कार्ति चिदंबरम ने भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की केवियट याचिका दी है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट 15 मार्च को सुनवाई करेगी। अपनी याचिका में कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट बिना उनके पक्ष को सुने कोई आदेश न दे। बता दें कि हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से की जाने वाली गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके बाद ईडी अगले 20 मार्च तक कार्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएगी। कार्ति ने ईडी द्वारा कार्रवाई के खिलाफ राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

इसके पहले सोमवार को दिल्ली की एक निचली अदालत ने कार्ति चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में 24 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही कार्ति की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने तिहाड़ कारागार में अलग बंदीगृह की मांग की थी। 

28 फरवरी से कार्ति चिदंबरम सीबीआई की हिरासत में हैं। सीबीआई का आरोप है कि कार्ति को साल 2007 में 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश की मंजूरी के लिए पीटर मुखर्जी और इंद्राणी की स्वामित्व वाली कंपनी की तरफ से घूस दी गई थी। उस दौरान कार्ति के पिता पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे।

By Monika Minal