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अर्थव्यवस्था ने बदला गियर, अब आगे तेज रफ्तार की उम्मीद

Publish Date:Thu, 30 Nov 2017 09:40 PM (IST) | Updated Date:Thu, 30 Nov 2017 09:44 PM (IST)
अर्थव्यवस्था ने बदला गियर, अब आगे तेज रफ्तार की उम्मीदअर्थव्यवस्था ने बदला गियर, अब आगे तेज रफ्तार की उम्मीद
वित्त मंत्री ने कहा कि देश अब आने वाली तिमाहियों में विकास की रफ्तार की तरफ देख रहा है। बाकी सब गुजरे जमाने की बात हो गई।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही की आर्थिक विकास दर के ताजा आंकड़ों ने साबित कर दिया है कि अब देश की अर्थव्यवस्था सतत और टिकाऊ विकास के रास्ते आगे बढ़ चली है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के 6.3 फीसद की विकास दर के आंकड़े पर यह आकलन है केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का। जेटली ने जीडीपी के आंकड़ों पर कहा कि नोटबंदी और जीएसटी पर अमल अब पीछे छूट गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि देश अब आने वाली तिमाहियों में विकास की रफ्तार की तरफ देख रहा है। बाकी सब गुजरे जमाने की बात हो गई। 6.3 फीसद की जीडीपी दर ने पिछली पांच तिमाहियों से बने गिरावट के क्रम को पलट दिया है। बीते वित्त वर्ष की पहली तिमाही से आर्थिक विकास दर में कमी का सिलसिला शुरू हुआ था जो जुलाई-सितंबर 2017 की तिमाही में थम गया है।

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अर्थव्यवस्था के ताजा प्रदर्शन पर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी संतोष जताया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि अर्थव्यवस्था में गिरावट का सिलसिला रुका है। हालांकि चिदंबरम का कहना है कि किसी भी स्थायी नतीजे पर पहुंचने के लिए अभी तीन चार तिमाही का इंतजार करना चाहिए। लेकिन उद्योग जगत और वित्तीय एजेंसियां अर्थव्यवस्था में आए इस बदलाव को लेकर काफी उत्साहित हैं। सीआइआइ के महानिदेशक डॉ. चंद्रजीत बनर्जी ने एक बयान में कहा कि जीडीपी के ताजा आंकड़े ने उद्योग जगत का आत्मविश्वास बढ़ाया है। सबसे महत्वपूर्ण है मैन्यूफैक्चरिंग की विकास दर में बदलाव आना। दूसरी तिमाही में सात फीसद की विकास दर ने साबित कर दिया है कि देश के औद्योगिक माहौल में भी तब्दीली हो रही है।

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दूसरी तरफ एंजेल रिसर्च के वैभव अग्रवाल का कहना है कि दूसरी तिमाही के अर्थव्यवस्था के नतीजों से स्पष्ट है कि देश अब नोटबंदी और जीएसटी के असर से बाहर निकल रहा है। चालू वित्त वर्ष की आने वाली दोनों तिमाहियों में और अच्छे नतीजों की उम्मीद की जा रही है क्योंकि बीते वित्त वर्ष इन दोनों तिमाहियों में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी रही थी। अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर आने वाली तिमाहियों में यही बनी रही तो विकास दर में तेज उछाल आने की उम्मीद की जा सकती है।

वित्त मंत्री ने भी कहा कि अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष के शुरुआत में बने संक्रमण काल की दुश्वारियों से बाहर आ गई है। अब भविष्य में एक सतत और टिकाऊ विकास दर की उम्मीद की जा सकती है।

 

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Web Title:Economy in news era(Hindi news from Dainik Jagran, newsnational Desk)

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