SIR के फार्म-6 पर बढ़ी सियासी तकरार, 2025 का आदेश 2026 में भी बरकरार; Inside Story
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि फार्म-6 के साथ घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिली थी, राहुल गांधी के ...और पढ़ें

SIR और फॉर्म-6 विवाद पर चुनाव आयोग का पलटवार (फाइल फोटो)
HighLights
चुनाव आयोग ने फार्म-6 घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी का दावा किया।
राहुल गांधी के ट्वीट को आयोग ने भ्रामक बताते हुए खंडन किया।
फार्म-6 में कोई बदलाव नहीं, केवल घोषणापत्र जोड़ा गया था।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सोमवार को जब एसआईआर का विरोध करने वाले दल इससे खुश थे कि मुख्य न्यायधीश ने स्पष्ट कर दिया है कि फार्म- 6 में किसी बदलाव को उनकी स्वीकृति नहीं थी, तब चुनाव आयोग ने फिर से दोहराया है कि फार्म 6 के साथ घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति मिली हुई थी।
आयोग ने नेता विपक्ष राहुल गांधी के ट्वीट के बाद उसे भ्रमित करार देते हुए अपनी बात रखी। दरअसल न्यायधीश का बयान तकनीकी है। उन्होंने कहा- मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमने किसी भी तरह के परिवर्तित फार्म 6 को मान्यता नहीं दी है।
आयोग ने राहुल के पोस्ट को भ्रामक करार देते हुए कहा- फार्म-6 में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि एसआईआर के दौरान इसके साथ घोषणा पत्र को जोड़ा गया है, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजूरी दी थी।
आयोग ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट से सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के उस फैसले का भी जिक्र किया है और बताया कि एसआईआर के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र को जोड़ने के उनके निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
दरअसल आदेश के उस पारा में लिखा है कि वोटर का भारतीय होना जरूरी है और आयोग ने जो प्रक्रिया अपनाई है उसके पक्ष मे तर्कसंगत पक्ष रखे हैं। आयोग ने कहा कि बिहार में एसआईआर के लिए 24 जून 2025 के उनके आदेश को कमीशन ने एकमत होकर लिया था, इस आदेश को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में सही ठहराया था।
गौरतलब है कि आयोग के तीनों सदस्यों ने 26 सितंबर 2026 को सर्वसम्मति से जारी बयान में भी यह साफ किया था कि फार्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि उसके उसके घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से जोड़ने का फैसला लिया गया था।
